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अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की गणना से जुड़े प्रकरण की एसआईटी जांच के बीच व्यवस्था में कई अहम बदलाव किए गए हैं। बैंक प्रबंधन और संबंधित प्रशासन ने अनुबंध के प्रावधानों को सख्ती से लागू करते हुए गणना कार्य में लगे कर्मियों के लिए नया ड्रेस कोड निर्धारित किया है।

UP News : अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की गणना से जुड़े प्रकरण की एसआईटी जांच के बीच व्यवस्था में कई अहम बदलाव किए गए हैं। बैंक प्रबंधन और संबंधित प्रशासन ने अनुबंध के प्रावधानों को सख्ती से लागू करते हुए गणना कार्य में लगे कर्मियों के लिए नया ड्रेस कोड निर्धारित किया है। इसके तहत अब सभी कर्मचारियों को ऐसी वर्दी पहननी होगी जिसमें किसी भी प्रकार की जेब (पॉकेट) नहीं होगी। सूत्रों के अनुसार, यह निर्णय कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और सुरक्षा मानकों को मजबूत करने के उद्देश्य से लिया गया है। साथ ही जांच के दायरे में आए कुछ कर्मचारियों को कार्यमुक्त भी किया गया है। UP News
राम मंदिर भवन निर्माण समिति के चेयरमैन नृपेंद्र मिश्र ने एक टीवी इंटरव्यू में इस पूरे प्रकरण में बैंक प्रबंधन की भूमिका पर सवाल उठाए थे। उनका कहना था कि जब अनुबंध में स्पष्ट दिशा-निर्देश तय थे, तो गणना प्रक्रिया में लगे कर्मियों द्वारा उनका पालन क्यों नहीं किया गया। जानकारी के मुताबिक, बैंक ने इस कार्य के लिए बनारस स्थित एक आउटसोर्सिंग एजेंसी के माध्यम से कर्मचारियों की तैनाती की थी। इन कर्मियों का वेतन भी उसी एजेंसी के जरिए जारी किया जाता था। सूत्र यह भी दावा करते हैं कि नियुक्तियों में प्रभावशाली हस्तक्षेप की भूमिका रही, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बैंक के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि यह व्यवस्था द्विपक्षीय अनुबंध के तहत संचालित थी, जिसमें दोनों पक्षों की सहमति शामिल थी। उनका मानना है कि इस तरह के संवेदनशील कार्य के लिए सामान्य आउटसोर्सिंग स्टाफ के बजाय नियमित और प्रशिक्षित बैंक कर्मियों की तैनाती अधिक उपयुक्त होती। UP News
राम मंदिर से जुड़ी जानकारियों के कथित लीक होने के मामलों के बाद प्रशासन ने सुरक्षा और गोपनीयता को लेकर सख्त रुख अपनाया है। अब कर्मचारियों को मंदिर परिसर में मोबाइल फोन ले जाने की अनुमति नहीं है। इसके साथ ही कर्मचारियों को मंदिर से संबंधित किसी भी आंतरिक जानकारी को सार्वजनिक करने या साझा करने से पूरी तरह रोक दिया गया है। इसे सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में उठाया गया कदम बताया जा रहा है। UP News
सूत्रों के अनुसार, पिछले कुछ समय में मंदिर व्यवस्था से जुड़ी संवेदनशील जानकारियां मीडिया तक पहुंचने के बाद प्रशासन और अधिक सतर्क हो गया है। इसके चलते कर्मचारियों को मीडिया से किसी भी प्रकार की बातचीत न करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। इस सख्ती के बाद कई कर्मचारी अब बाहरी कॉल्स का जवाब देने से बच रहे हैं। वहीं, कुछ कर्मियों ने अपने परिजनों को भी अनौपचारिक बातचीत से दूर रहने की सलाह दी है, ताकि किसी तरह की गलतफहमी या जांच की आशंका से बचा जा सके। UP News
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