विज्ञापन
राम मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे से जुड़े कथित गड़बड़ी और दान चोरी के आरोपों को लेकर चल रही जांच के बीच मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने कई अहम मुद्दों पर अपनी बात रखी है।

UP News : राम मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे से जुड़े कथित गड़बड़ी और दान चोरी के आरोपों को लेकर चल रही जांच के बीच मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने कई अहम मुद्दों पर अपनी बात रखी है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच विशेष जांच दल (एसआईटी) कर रहा है और प्रारंभिक स्तर पर एफआईआर दर्ज करने की बजाय विस्तृत जांच का फैसला इसलिए लिया गया ताकि पूरे प्रकरण की सच्चाई सामने आ सके। एक विशेष बातचीत में नृपेंद्र मिश्रा ने कहा कि इस मामले को लेकर श्रद्धालुओं के मन में भी कई सवाल हैं, जिनका जवाब जांच पूरी होने के बाद ही मिल सकेगा। उन्होंने माना कि दान प्रबंधन और निगरानी व्यवस्था को लेकर भी गंभीर समीक्षा की आवश्यकता है।
UP News
दान चोरी के आरोप सामने आने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि अब तक एफआईआर क्यों दर्ज नहीं हुई। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए नृपेंद्र मिश्रा ने कहा कि यदि शुरुआती जानकारी के आधार पर तुरंत एफआईआर दर्ज कराई जाती, तो उसमें कई महत्वपूर्ण तथ्य अधूरे रह जाते। उन्होंने कहा कि उस समय यह भी स्पष्ट नहीं था कि शिकायत किसी नामजद व्यक्ति के खिलाफ होनी चाहिए या अज्ञात लोगों के खिलाफ। ऐसे में विस्तृत जांच के लिए राज्य सरकार से एसआईटी गठित करने का अनुरोध किया गया, ताकि मामले की निष्पक्ष और गहन पड़ताल हो सके।
UP News
मिश्रा का कहना है कि सामान्य एफआईआर दर्ज होने की स्थिति में जांच स्थानीय स्तर पर होती, जबकि एसआईटी में वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं, जो मामले के हर पहलू की बारीकी से जांच कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि एसआईटी की रिपोर्ट आने के बाद यदि आवश्यक हुआ तो उसके आधार पर कानूनी कार्रवाई और एफआईआर की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकती है। उनके मुताबिक यह प्रक्रिया कानून और प्रशासनिक व्यवस्था के अनुरूप है।
UP News
राम मंदिर परिसर की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को लेकर भी नृपेंद्र मिश्रा ने चिंता जताई। उन्होंने बताया कि मंदिर परिसर में सैकड़ों सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और उनके संचालन के लिए कंट्रोल रूम भी मौजूद है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि उपलब्ध तकनीकी संसाधनों का उपयोग अपेक्षित स्तर पर हुआ या नहीं, यह जांच का विषय है। यदि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर किसी प्रकार की अनियमितता का पता चला है, तो यह भी देखा जाना चाहिए कि निगरानी व्यवस्था में कहीं कोई कमी तो नहीं रही।
UP News
मंदिर निर्माण समिति अध्यक्ष ने बताया कि दान की गिनती और प्रबंधन के लिए स्पष्ट नियम और जिम्मेदारियां निर्धारित हैं। इसमें ट्रस्ट, बैंक और गिनती प्रक्रिया से जुड़े कर्मचारियों की भूमिकाएं पहले से तय हैं। उन्होंने कहा कि दान की गणना करने वाले लोगों के लिए भी विशेष नियम बनाए गए हैं, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और किसी तरह की गड़बड़ी की संभावना न्यूनतम हो। इसके बावजूद यदि कोई अनियमितता सामने आई है, तो उसकी गहराई से जांच होना जरूरी है। राम मंदिर देशभर के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। ऐसे में दान से जुड़े किसी भी विवाद को लेकर लोगों की संवेदनाएं स्वाभाविक रूप से जुड़ी हुई हैं। यही वजह है कि इस मामले की जांच पर पूरे देश की नजर बनी हुई है। अब सभी की निगाहें एसआईटी की रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे यह स्पष्ट होगा कि कथित गड़बड़ी की वास्तविकता क्या है, जिम्मेदारी किसकी है और आगे क्या कार्रवाई की जाएगी।
UP News
विज्ञापन