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अयोध्या के श्रीराम मंदिर के चढ़ावे को लेकर उठे विवाद ने अब जांच को और गहरा कर दिया है। एसआईटी ने दान राशि और बहुमूल्य आभूषणों की गिनती तथा रिकॉर्ड संधारण से जुड़े 47 कर्मचारियों को जांच के दायरे में शामिल किया है।

UP News : अयोध्या के श्रीराम मंदिर के चढ़ावे को लेकर उठे विवाद ने अब जांच को और गहरा कर दिया है। एसआईटी ने दान राशि और बहुमूल्य आभूषणों की गिनती तथा रिकॉर्ड संधारण से जुड़े 47 कर्मचारियों को जांच के दायरे में शामिल किया है। सूत्रों के मुताबिक जांच एजेंसियां इन कर्मचारियों की सेवा में आने से पहले और वर्तमान आर्थिक स्थिति का बारीकी से मिलान कर रही हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उनकी संपत्ति में किसी प्रकार की असामान्य बढ़ोतरी तो नहीं हुई। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, पूरे मामले को लेकर उत्सुकता और गंभीरता दोनों बढ़ती जा रही हैं। UP News
एसआईटी यह पता लगाने में जुटी है कि दान राशि और बहुमूल्य आभूषणों के प्रबंधन में कहीं किसी स्तर पर अनियमितता तो नहीं हुई। जांच के तहत संबंधित कर्मचारियों की आय, संपत्ति और वित्तीय गतिविधियों का भी आकलन किया जा सकता है। माना जा रहा है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद पूरे मामले की तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी। UP News
इस बीच कथावाचक देवकी नंदन ठाकुर ने भी पूरे प्रकरण पर प्रतिक्रिया देते हुए मंदिर प्रबंधन व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि देश के प्रमुख मंदिरों का संचालन सरकारी अधिकारियों के बजाय सनातन परंपरा और धार्मिक व्यवस्थाओं की समझ रखने वाले संत-महात्माओं एवं विशेषज्ञों के हाथों में होना चाहिए। उन्होंने केंद्र सरकार से सनातन बोर्ड के गठन की मांग करते हुए कहा कि यदि मंदिरों का संचालन धर्म और परंपरा से जुड़े जानकारों के पास होता, तो ऐसी परिस्थितियां उत्पन्न होने की संभावना कम रहती। ठाकुर ने कहा कि मंदिरों की व्यवस्थाओं को राजनीतिक और प्रशासनिक हस्तक्षेप से मुक्त कर धार्मिक परंपराओं के अनुरूप संचालित किया जाना चाहिए। UP News
राम मंदिर चढ़ावा विवाद के बीच राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय पर भूमि खरीद से जुड़े आरोप लगाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर कुछ दस्तावेज साझा करते हुए जमीन खरीद प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित पक्ष की ओर से विस्तृत प्रतिक्रिया का इंतजार है। UP News
वहीं, बाबरी मस्जिद-राम जन्मभूमि विवाद से जुड़े रहे इकबाल अंसारी ने पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भगवान राम से जुड़ी आस्था सर्वोपरि है और जांच पूरी पारदर्शिता के साथ होनी चाहिए। उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित एसआईटी पर भरोसा जताते हुए कहा कि सत्य सामने आना चाहिए और यदि किसी स्तर पर गड़बड़ी हुई है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। UP News
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