क्या अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस की चार्जशीट ने बड़ा राज खोल दिया है ? क्या चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा को लेकर पुलिस की जांच में स्थिति अब पूरी तरह साफ हो गई है ? जानने के लिए पढ़ें पूरी खबर

UP News : अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के चढ़ावा धनराशि से जुड़े कथित चोरी मामले में पुलिस ने चार्जशीट दाखिल कर दी है। जांच पूरी होने के बाद दाखिल आरोपपत्र में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा और निर्माण प्रभारी गोपाल राव को आरोपी नहीं बनाया गया है। पुलिस ने तीनों को मामले में गवाह के रूप में शामिल किया है। UP News
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच पूरी करने के बाद अयोध्या पुलिस ने विशेष न्यायाधीश एंटी करप्शन कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपपत्र में केवल मामले में गिरफ्तार किए गए आठ लोगों को आरोपी बनाया गया है। चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्रा और गोपाल राव के खिलाफ कोई आपराधिक संस्तुति नहीं की गई और उन्हें अभियोजन पक्ष के गवाहों की सूची में रखा गया है। चार्जशीट में पुलिस ने कुल 133 गवाहों के बयान शामिल किए हैं। इनमें चंपत राय, अनिल मिश्रा, गोपाल राव और शिकायतकर्ता कृष्ण मोहन के अलावा पुलिस अधिकारियों और अन्य संबंधित लोगों के नाम भी शामिल हैं। UP News
राम मंदिर चढ़ावा धनराशि मामले में दाखिल चार्जशीट अपने आकार को लेकर भी चर्चा में है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक आरोपपत्र करीब 36,039 पन्नों का है और इसे कई बक्सों तथा गत्तों में भरकर अदालत पहुंचाया गया। इसके साथ केस डायरी के 101 पर्चे भी शामिल किए गए हैं। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट को जांच की प्रगति के बारे में जानकारी देते हुए बताया गया था कि मंदिर परिसर में चढ़ावे की रकम से कथित अनधिकृत निकासी के कई मामले सीसीटीवी में सामने आए थे। बाद की जांच में 105 संदिग्ध घटनाओं की पहचान किए जाने की जानकारी सामने आई थी। UP News
पुलिस की जांच के अनुसार मंदिर में चढ़ावे की नकदी की गिनती के दौरान चोरी की घटनाएं सामने आईं। जांच में सीसीटीवी फुटेज, गवाहों के बयान, नकदी की बरामदगी, बैंक खातों और अन्य दस्तावेजों को आधार बनाया गया। मामले में आठ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी और उन्हें गिरफ्तार किया गया। बाद में जांच के दौरान कथित चोरी की रकम और उससे जुड़े वित्तीय लेनदेन की भी पड़ताल की गई। पुलिस की चार्जशीट में इन्हीं आठ आरोपियों के खिलाफ अभियोजन की कार्रवाई आगे बढ़ाई गई है। UP News
जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज को भी अहम साक्ष्य के तौर पर शामिल किया गया। सुप्रीम कोर्ट को दी गई जांच की स्थिति रिपोर्ट के अनुसार, मंदिर परिसर में नकदी को कथित तौर पर हटाने की 105 अलग-अलग घटनाएं सामने आई थीं। इसके अलावा जांच में मोबाइल चैट, नकदी की बरामदगी और बैंक खातों से जुड़े लेनदेन की भी जांच की गई। पुलिस की चार्जशीट में आठ आरोपियों के खिलाफ अलग-अलग साक्ष्यों का उल्लेख किया गया है। जांच एजेंसी ने कथित चोरी के मामलों को सीसीटीवी फुटेज और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के साथ जोड़कर आरोपपत्र तैयार किया है। UP News
जांच के दौरान गिरफ्तार आरोपियों के पास से करीब 79.8 लाख रुपये बरामद किए जाने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा जांच में आरोपियों के बैंक खातों में जमा रकम और वित्तीय लेनदेन की भी पड़ताल की गई। पुलिस ने मामले की जांच में नकदी के साथ-साथ बैंक रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज और अन्य डिजिटल साक्ष्यों को भी शामिल किया है। UP News
चार्जशीट से जुड़े विवरण के मुताबिक, चढ़ावा चोरी की घटनाओं की जानकारी सामने आने के बाद ट्रस्ट के तत्कालीन पदाधिकारियों को इसकी सूचना दी गई थी। चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव से जांच के दौरान पूछताछ भी की गई थी। बाद में पुलिस ने तीनों को मामले में गवाह बनाया। इससे पहले एसआईटी की जांच को लेकर भी अलग-अलग चरणों में चंपत राय और अनिल मिश्रा की भूमिका चर्चा में रही थी। हालांकि, अंतिम चार्जशीट में पुलिस ने दोनों को आरोपी नहीं बनाया है। UP News
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