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Ram Mandir Donation Theft: श्रीराम मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अहम बैठक सोमवार होनी है। बैठक में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफों पर चर्चा हो सकती है। दोनों ने चढ़ावा विवाद उठने के बाद बाद अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।

Ram Mandir Donation Theft: अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे की कथित चोरी के मामले में सोमवार का दिन अहम है। 6 जून श्रीराम मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अहम बैठक होनी है। बैठक में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफों पर चर्चा हो सकती है। दोनों ने चढ़ावा विवाद उठने के बाद बाद अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। अगर उनके इस्तीफे स्वीकार कर लिए जाते हैं, तो बैठक में ट्रस्ट के कामकाज के लिए नई प्रशासनिक व्यवस्था पर भी फैसला हो सकता है। विशेष आमंत्रित सदस्य गोपाल राव की भूमिका पर भी चर्चा होने की उम्मीद है।
मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो चंपत राय को लेकर ट्रस्ट में धड़ेबंदी है। ट्रस्ट के कुछ लोग उन्हें निर्दोष मानते हैं तो कुछ उनका इस्तीफा स्वीकार करने के पक्ष में है। कुछ लोगों की यह भी राय है कि उन्होंने महासचिव पद से ही इस्तीफा दिया है लेकिन वो सदस्य तो बने रह सकते हैं।
ट्रस्ट के अध्यक्ष नृत्य गोपाल दास, जो अस्पताल में भर्ती हैं, और वरिष्ठ न्यासी के. परासरन, जो उम्र से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं के कारण यात्रा करने में असमर्थ हैं, वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए बैठक में शामिल हो सकते हैं।
बैठक में और किन बातों पर हो सकती है चर्चा?
ट्रस्ट के नियमित सदस्य
यह है पूरा मामला
राम मंदिर चढ़ावे से जु़ड़ा विवाद सात जून को शुरू हुआ जब समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने राम मंदिर में दान की राशि के गबन का आरोप लगाया था। उस समय मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि दान प्रबंधन प्रणाली की आंतरिक जांच में ‘‘कोई उल्लेखनीय बात’’ सामने नहीं आई है। इसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया।
एसआईटी ने 23 जून को प्रारंभिक रिपोर्ट सरकार को सौंपी। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट में मंदिर के दान संग्रह और गणना से संबंधित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के व्यापक रूप से उल्लंघन की बात सामने आई है। इस रिपोर्ट के आधार पर 25 जून को प्राथमिकी दर्ज की गई और चढ़ावे की गणना प्रक्रिया से जुड़े आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया। इस बीच चंपत राय और ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया।
गिरफ्तार आठों आरोपी- अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लव कुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडेय, राम शंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और रमाशंकर उर्फ टिन्नू यादव मंदिर में प्राप्त नकद दान और कीमती सामान की गणना की प्रक्रिया से जुड़े थे। गिरफ्तार आरोपियों में से एक रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव चंपत राय का पूर्व ड्राइवर है।
दो समानांतर जांच
राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले में दो समानांतर जांच चल रही हैं। जहां एक ओर एसआईटी प्रशासनिक जांच कर रही है और उसका कार्यकाल जुलाई के अंत तक बढ़ा दिया गया है। वहीं दूसरी ओर ट्रस्ट की शिकायत पर एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस भी मामले की जांच कर रही है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, एसआईटी और पुलिस दोनों ने चंपत राय, अनिल मिश्रा और विशेष आमंत्रित सदस्य गोपाल राव के बयान दर्ज किए हैं। हालांकि, ट्रस्ट के इन तीनों पदाधिकारियों में से किसी के भी खिलाफ़ अब तक कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है।
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