उत्तर प्रदेश के अयोध्या में स्थित राम मंदिर ट्रस्ट में पहली बार CEO की नियुक्ति हुई है। एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा संभालेंगे राम मंदिर के CEO की जिम्मेदारी, जानिए नियुक्ति और प्रशासनिक बदलाव की पूरी जानकारी।

UP News : उत्तर प्रदेश के अयोध्या स्थित भव्य श्रीराम जन्मभूमि मंदिर से बुधवार को बड़ी खबर सामने आई है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मंदिर की व्यवस्थाओं को और अधिक व्यवस्थित, पारदर्शी और पेशेवर बनाने की दिशा में बड़ा फैसला लेते हुए एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को ट्रस्ट का पहला मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) नियुक्त किया है। यह राम मंदिर के प्रशासनिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है। UP News
अयोध्या राम मंदिर के निर्माण और संचालन की जिम्मेदारी संभाल रहे श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में अब तक मुख्य कार्यपालक अधिकारी यानी CEO का अलग पद नहीं था। बुधवार को ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक में इस पद पर नियुक्ति को मंजूरी दी गई। एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा अब राम मंदिर से जुड़े प्रशासनिक और प्रबंधन संबंधी कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उनकी नियुक्ति ऐसे समय हुई है जब मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या, दान-चढ़ावे की व्यवस्था, सुरक्षा, वित्तीय प्रबंधन और मंदिर परिसर के लगातार विस्तार को लेकर एक मजबूत प्रशासनिक व्यवस्था की जरूरत महसूस की जा रही थी। UP News
राम मंदिर में चढ़ावे और दान से जुड़े विवादों के बीच ट्रस्ट ने मंदिर के प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने के लिए पूर्णकालिक CEO नियुक्त करने की प्रक्रिया शुरू की गई थी। इस पद के लिए देशभर से 5,585 आवेदन प्राप्त हुए थे। चयन प्रक्रिया के कई चरणों के बाद उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट किया गया और अंतिम चरण में तीन नाम ट्रस्ट के सामने रखे गए। चयन समिति ने उम्मीदवारों के अनुभव और प्रशासनिक क्षमता का मूल्यांकन करने के बाद तीन नामों का पैनल तैयार किया था। बुधवार 2 सितम्बर 2026 को ट्रस्ट की बैठक में अंतिम निर्णय लिया गया और भारतीय वायुसेना से रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा के नाम पर मुहर लग गई। UP News
एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा भारतीय वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारी रहे हैं। उन्हें ऑपरेशनल नेतृत्व और प्रशासनिक अनुभव के लिए जाना जाता है। हालिया रिपोर्टों में उन्हें ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हवाई अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले अधिकारी के तौर पर भी बताया गया है। उनकी सैन्य पृष्ठभूमि को देखते हुए माना जा रहा है कि राम मंदिर ट्रस्ट को अब प्रशासन, अनुशासन, सुरक्षा और बड़े स्तर पर संचालन के क्षेत्र में उनका अनुभव उपयोगी साबित हो सकता है। UP News
राम मंदिर के CEO का पद केवल औपचारिक पद नहीं माना जा रहा है। अयोध्या में रामलला के दर्शन के लिए देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। ऐसे में मंदिर की व्यवस्थाओं को लगातार बेहतर बनाने की चुनौती भी बढ़ रही है। CEO के सामने मुख्य रूप से मंदिर प्रशासन, श्रद्धालु प्रबंधन, विभिन्न व्यवस्थाओं के बीच समन्वय, वित्तीय और प्रशासनिक कार्यों की निगरानी तथा राम मंदिर परिसर से जुड़ी व्यवस्थाओं को संस्थागत रूप देने जैसी जिम्मेदारियां होंगी। पहले की रिपोर्टों में भी CEO पद को प्रशासनिक व्यवस्था, श्रद्धालु प्रबंधन, सुरक्षा और वित्तीय प्रबंधन से जोड़ा गया था। UP News
राम मंदिर के पहले CEO की नियुक्ति की प्रक्रिया अपने आप में काफी महत्वपूर्ण रही। रिपोर्टों के अनुसार इस पद के लिए 5,585 लोगों ने आवेदन किया था। प्रारंभिक प्रक्रिया के बाद उम्मीदवारों की स्क्रीनिंग की गई और आगे के चरणों में उम्मीदवारों की संख्या लगातार कम होती गई। चयन समिति ने अंतिम दौर के बाद तीन नाम ट्रस्ट के सामने रखे। बुधवार की बैठक में इन्हीं नामों में से एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा के नाम पर अंतिम मुहर लगाई गई। UP News
अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण एक ऐतिहासिक पड़ाव पर पहुंचने के साथ अब मंदिर परिसर के दीर्घकालिक संचालन और प्रबंधन की चुनौती भी सामने है। मंदिर में रोजाना बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं और आने वाले समय में अयोध्या में धार्मिक पर्यटन के और बढ़ने की संभावना है। ऐसे में ट्रस्ट द्वारा पहली बार पूर्णकालिक CEO की नियुक्ति को राम मंदिर के प्रशासनिक ढांचे को नए तरीके से व्यवस्थित करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। चढ़ावा चोरी और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर उठे सवालों के बीच अब एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा के रूप में राम मंदिर ट्रस्ट को पहला CEO मिल गया है। उनकी नियुक्ति से यह संकेत भी मिलता है कि मंदिर के संचालन, वित्तीय व्यवस्था, श्रद्धालु प्रबंधन और प्रशासन को अधिक संस्थागत एवं जवाबदेह बनाने पर जोर दिया जा रहा है। UP News
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