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UP News: एसआईटी के सामने अब डिजिटल सबूत अधिक नहीं है ऐसे में उसे गवाहों, संदिग्धों और संबंधित पदाधिकारियों के बयानों पर निर्भर होना होगा।

UP News: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच कर रही SIT के सामने सबूत इकट्ठा करने की बड़ी चुनौती है। जांच में सीसीटीवी फुटेज को बड़ा सुराग माना जा रहा था, लेकिन अब खुलासा हुआ है कि SIT को इससे ज्यादा मदद नहीं मिल पाएगी।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक SIT ने पाया कि मंदिर परिसर के सीसीटीवी कैमरों का बैकअप केवल 45 दिनों तक ही उपलब्ध रहता है। इसका मतलब है कि 45 दिन से पुरानी फुटेज अपने आप डिलीट हो जाती है। अब इससे पुरानी फुटेज हासिल करना बेहद मुश्किल है। चढ़ावा चोरी कब से शुरू हुई, इसका सही-सही पता लगाना अब आसान नहीं रहा। क्योंकि पुराने वीडियो उपलब्ध नहीं हैं, इसलिए यह साबित करना भी कठिन होगा कि फुटेज कथित तौर पर डिलीट की गई थी।
सीसीटीवी फुटेज के साथ छेड़छाड़
जांच के दौरान SIT ने यह भी पाया कि सीसीटीवी फुटेज के साथ छेड़छाड़ की गई है। SIT अब फोरेंसिक जांच कराएगी और अधिक से अधिक पुरानी फुटेज रिकवर करने की कोशिश करेगी। फोरेंसिक जांच में पिछले डेढ़ महीने के भीतर फुटेज में कोई हेराफेरी हुई है तो इसका पता लगने की संभावना है।SIT के सामने अब डिजिटल सबूत ज्यादा नहीं बचे हैं। ऐसे में उसे गवाहों, संदिग्धों और संबंधित पदाधिकारियों के बयानों पर निर्भर होना पड़ेगा। इस वजह से जांच लंबी खिंच सकती है।
SIT करेगी 'दूध का दूध और पानी का पानी'
इस बीच, शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राम मंदिर में दान और चढ़ावे के कथित गबन को लेकर राम भक्तों को भरोसा दिलाया कि SIT जांच 'दूध का दूध और पानी का पानी' कर देगी।अयोध्या में भगवान श्रीराम मंदिर में दान-पात्र और वित्तीय प्रबंधन में गड़बड़ी का मामला सामने आने के बाद योगी आदित्यनाथ पहली बार शुक्रवार को अयोध्या पहुंचे। उन्होंने इसकी जांच के लिए लखनऊ के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत के नेतृत्व में तीन सदस्यीय SIT गठित की थी।
सीएम योगी ने राम भक्तों को विश्वास दिलाते हुए कहा, “मेरी सभी राम भक्तों से अपील है कि अयोध्या के बारे में जो समाचार पत्रों में सुनने को मिला, हम लोगों ने ट्रस्ट के अनुरोध पर SIT जांच बिठाई है। मैं यह कह सकता हूं कि SIT जांच दूध का दूध और पानी का पानी करके रहेगी।” उन्होंने आगे कहा, “राम भक्तों से कहना चाहूंगा कि प्रभु राम ने हमें मर्यादा का पाठ पढ़ाया है, मर्यादित रहने का आचरण दिया है और उस मर्यादा का पालन करते हुए हमारे पूर्वजों ने पांच सौ वर्षों तक प्रभु श्रीराम के स्थान को लेने के लिए संघर्ष किया है। तो अब 15 दिन और देख लो, चिंता मत करो।” UP News
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