अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। ट्रस्ट के पहले पूर्णकालिक मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति की प्रक्रिया अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी है।

UP News : अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। ट्रस्ट के पहले पूर्णकालिक मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति की प्रक्रिया अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। चयन समिति ने उम्मीदवारों के नामों का पैनल तैयार कर लिया है। यह पैनल मंगलवार, 1 सितंबर 2026 को ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास को सौंपे जाने की तैयारी है। इसके बाद बुधवार, 2 सितंबर को होने वाली ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक में पैनल में शामिल नामों में से एक उम्मीदवार के नाम पर अंतिम मुहर लग सकती है। ऐसे में बुधवार को राम मंदिर ट्रस्ट के पहले पूर्णकालिक CEO के नाम का ऐलान होने की संभावना जताई जा रही है। UP News
राम मंदिर ट्रस्ट ने मंदिर की बढ़ती प्रशासनिक जरूरतों को देखते हुए पूर्णकालिक CEO नियुक्त करने की प्रक्रिया शुरू की थी। चयन समिति ने आवेदनों की छंटनी के बाद 16 उम्मीदवारों को अंतिम दौर के लिए चुना था। इन उम्मीदवारों में पूर्व IAS और IPS अधिकारियों के साथ सेना से सेवानिवृत्त अधिकारी भी शामिल रहे। 13 अगस्त को चयन समिति ने इन सभी 16 उम्मीदवारों के इंटरव्यू की प्रक्रिया पूरी कर ली थी। अब समिति की ओर से तैयार किए गए नामों के पैनल को ट्रस्ट के सामने रखा जाएगा। इसके बाद अंतिम निर्णय ट्रस्ट की बैठक में लिया जाएगा। आपको बता दें कि CEO पद के लिए ट्रस्ट को कुल 5,585 आवेदन प्राप्त हुए थे। इतनी बड़ी संख्या में आवेदन आने के बाद चयन प्रक्रिया कई चरणों में आगे बढ़ी और अंततः 16 उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए चुना गया। ट्रस्ट की कोशिश ऐसे अधिकारी को जिम्मेदारी सौंपने की है, जो राम मंदिर परिसर के बढ़ते प्रशासनिक कामकाज को व्यवस्थित ढंग से संभाल सके। मंदिर में लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए प्रशासन, सुरक्षा, वित्त और व्यवस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। UP News
राम मंदिर ट्रस्ट के पहले CEO पद को लेकर कुछ नाम पहले से चर्चा में रहे हैं। इनमें पूर्व IPS अधिकारी राजेश पांडेय और पूर्व IAS अधिकारी योगेश्वर राम मिश्रा का नाम प्रमुखता से सामने आया है। चयन प्रक्रिया के दौरान राजेश पांडेय का दो बार इंटरव्यू किए जाने की जानकारी सामने आई है। वहीं बिहार के पूर्व पुलिस महानिदेशक परेश सक्सेना भी चयन समिति के सामने इंटरव्यू के लिए पहुंचे थे। हालांकि, इन नामों की चर्चा के बावजूद अभी यह तय नहीं है कि अंतिम पैनल में कौन-कौन शामिल हैं। अंतिम नाम ट्रस्ट की बैठक में निर्णय के बाद ही स्पष्ट होगा। UP News
CEO के चयन के लिए ट्रस्ट ने तीन सदस्यीय चयन समिति का गठन किया था। इसकी अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस प्रमोद कोहली कर रहे हैं। समिति में लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) विष्णुकांत चतुर्वेदी और सुरेश हवारे भी शामिल हैं। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद गिरि के मुताबिक, चयन समिति तीन नामों की सिफारिश करेगी और अंतिम नियुक्ति ट्रस्ट द्वारा की जाएगी। चयन समिति ने उम्मीदवारों से राम मंदिर के प्रशासन, प्रबंधन और मंदिर परिसर में आने वाले श्रद्धालुओं की व्यवस्था से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर सवाल किए थे। UP News
चयन प्रक्रिया से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, उम्मीदवारों के इंटरव्यू राम जन्मभूमि मंदिर परिसर में ही किए गए। इंटरव्यू में प्रशासनिक क्षमता के साथ-साथ मंदिर जैसी बड़ी धार्मिक संस्था के संचालन से जुड़े विषयों को भी प्रमुखता दी गई। ट्रस्ट ऐसे अधिकारी की नियुक्ति करना चाहता है जो मंदिर की रोजमर्रा की व्यवस्था के साथ भविष्य में बढ़ने वाले प्रशासनिक दायित्वों को भी प्रभावी ढंग से संभाल सके। UP News
2 सितंबर को होने वाली ट्रस्ट की बैठक में केवल CEO की नियुक्ति ही एजेंडे में नहीं है। राम मंदिर ट्रस्ट के पहले सचिव की नियुक्ति पर भी इसी बैठक में निर्णय होने की संभावना है।
ट्रस्ट की ओर से जगदीश आफले को पहला सचिव नियुक्त करने का प्रस्ताव रखा गया है। बैठक में इस प्रस्ताव पर भी अंतिम निर्णय लिए जाने की उम्मीद है। अगर दोनों नियुक्तियों को मंजूरी मिलती है तो राम मंदिर ट्रस्ट के प्रशासनिक ढांचे को अधिक औपचारिक और स्पष्ट स्वरूप मिलने की संभावना है। UP News
राम मंदिर में चढ़ावे और दान से जुड़ी कथित अनियमितताओं के आरोप सामने आने के बाद मंदिर प्रशासन की निगरानी और पारदर्शिता को लेकर चर्चा तेज हुई थी। इसी पृष्ठभूमि में ट्रस्ट ने पूर्णकालिक CEO की नियुक्ति की दिशा में कदम बढ़ाया।CEO के पास मंदिर प्रशासन, श्रद्धालु प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और वित्तीय प्रबंधन से जुड़े महत्वपूर्ण कामों की जिम्मेदारी रहने की संभावना है। अब 1 सितंबर को चयन समिति द्वारा नामों का पैनल सौंपे जाने और 2 सितंबर को ट्रस्ट की बैठक के बाद तस्वीर साफ हो सकती है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि राम मंदिर ट्रस्ट के पहले पूर्णकालिक CEO की जिम्मेदारी आखिर किस अधिकारी को सौंपी जाती है। UP News
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