विज्ञापन
भारतीय जनता पार्टी के बड़े नेता तथा बजरंग दल के संस्थापक ने इस मामले में बड़ा आरोप लगा दिया है। अयोध्या से भाजपा के पूर्व सांसद विनय कटियार ने राम मंदिर के चढ़ावे की चोरी के मामले में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय की मिलीभगत का बहुत बड़ा आरोप लगाया है।

UP News : उत्तर प्रदेश में राम मंदिर के चढ़ावे की चोरी का मामला लगातार गर्माता जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी के बड़े नेता तथा बजरंग दल के संस्थापक ने इस मामले में बड़ा आरोप लगा दिया है। अयोध्या से भाजपा के पूर्व सांसद विनय कटियार ने राम मंदिर के चढ़ावे की चोरी के मामले में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय की मिलीभगत का बहुत बड़ा आरोप लगाया है। भाजपा नेता विनय कटियार उत्तर प्रदेश में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं। विनय कटियार के आरोपों को बहुत ही गंभीरता से लिया जा रहा है। विनय कटियार ने साफ कहा कि राम मंदिर के चढ़ावे का धन चंपत राय के आवास पर ले जाया गया। UP News
विनय कटियार ने मीडिया से बातचीत में कहा कि मंदिर में आने वाला चढ़ावा मंदिर परिसर में ही गिना जाता है और उसके बाद बैंक में जमा कराया जाता है। ऐसे में यदि धनराशि को किसी निजी आवास पर कारसेवकपुरम ले जाया गया तो यह गंभीर सवाल खड़े करता है। यहां यह बताना जरूरी है कि अयोध्या के कारसेवकपुरम में मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय का घर है। उन्होंने दावा किया कि इस मुद्दे पर उनकी चंपत राय से पहले भी बहस हो चुकी है और वे जल्द ही पूरे मामले का खुलासा करेंगे। विनय कटियार ने कहा कि करोड़ों रुपये श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े हैं, इसलिए प्रत्येक रुपये का हिसाब जनता को मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि आरोप सही साबित होते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। UP News
विनय कटियार ने जांच को लेकर तीखा बयान देते हुए कहा कि जब निष्पक्ष जांच होगी और दोषियों पर कार्रवाई होगी, तब पूरी सच्चाई सामने आ जाएगी। उन्होंने विश्वास जताया कि इस मुद्दे पर गठित विशेष जांच दल (SIT) मामले की तह तक पहुंचेगा और ‘दूध का दूध, पानी का पानी’ हो जाएगा। चढ़ावे में गड़बड़ी के आरोप सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। जांच टीम के अयोध्या पहुंचने के साथ ही विवाद और गर्मा गया है। विपक्षी दल लगातार ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि ट्रस्ट प्रबंधन आरोपों को निराधार बता रहा है। UP News
अयोध्या में श्रीराम मंदिर के चढ़ावे को चोरी कर लेने के विवाद की शुरुआत तब हुई जब चढ़ावे की गिनती से जुड़े एक पूर्व सदस्य ने नोटों की गड्डियों और गिनती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाया। उनके आरोपों के बाद राजनीतिक दलों और संत समाज के कई लोगों ने जांच की मांग उठाई। समाजवादी पार्टी के नेताओं ने मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कराने की मांग की है। वहीं कांग्रेस ने भी पारदर्शिता की मांग करते हुए इसे श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा गंभीर मामला बताया है। कुछ नेताओं ने इस मामले को ‘सनातन आस्था के साथ विश्वासघात’ तक करार दिया है। UP News
दूसरी ओर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से लगातार कहा जा रहा है कि मंदिर में आने वाले चढ़ावे का पूरा लेखा-जोखा पारदर्शी तरीके से रखा जाता है। ट्रस्ट पदाधिकारियों का दावा है कि सभी वित्तीय प्रक्रियाएं निर्धारित नियमों के अनुसार संचालित होती हैं और किसी प्रकार की अनियमितता नहीं हुई है। UP News
राम मंदिर देश की करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है। ऐसे में चढ़ावे और दान राशि को लेकर उठे आरोपों ने न केवल राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है, बल्कि श्रद्धालुओं के बीच भी सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की निगाहें SIT जांच पर टिकी हैं, जिससे यह स्पष्ट होगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और क्या वास्तव में चढ़ावे के प्रबंधन में कोई गड़बड़ी हुई है या नहीं। विनय कटियार के बयान ने भारतीय जनता पार्टी तथा हिन्दूवादी संगठनों के नेतृत्व को बड़ी उलझन में डाल दिया है। इस मुद्दे पर उत्तर प्रदेश के दूसरे भाजपा नेता भी दबी जुबान यह कह रहे हैं कि आस्था से जुड़े हुए इस मामले की त्वरित जांच कराकर कठोर कार्यवाही की जानी आवश्यक है। UP News
श्रीराम मंदिर के बड़े पदाधिकारी चंपत राय के विरूद्ध सीधा आरोप लगाने वाले विनय कटियार भारतीय जनता पार्टी का बड़ा चेहरा रहे हैं। विनय कटियार ने ही प्रसिद्ध हिन्दूवादी संगठन बजरंग दल की स्थापना की थी। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से राजनीति की शुरूआत करने वाले विनय कटियार 1980 में RSS के प्रचारक बने थे। विनय कटियार ने वर्ष- 1984 में रामजन्म भूमि आंदोलन को गति देने के लिए बजरंग दल की स्थापना की थी तथा वे ही इस हिन्दूवादी संगठन के पहले अध्यक्ष बने थे। विनय कटियार अयोध्या क्षेत्र की फैजाबाद लोकसभा सीट से तीन बार सांसद चुने गए थे। वें फैजाबाद से वर्ष-1991, वर्ष-1996 तथा वर्ष-1999 में सांसद बने थे। विनय कटियार अप्रैल 2006 से अप्रैल-2018 तक राज्यसभा के सांसद रहे थे। साल 2002 से साल 2004 तक विनय कटियार भारतीय जनता पार्टी के उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष रहे थे। इतना ही नहीं विनय कटियार भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तथा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं। पिछले कुछ सालों से विनय कटियार को गुटबाजी के कारण राजनीति में अलग-थलग कर दिया गया है। विनय कटियार का ताजा बयान उत्तर प्रदेश की राजनीति में बड़ी चर्चा का विषय बन गया है। UP News
विज्ञापन