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प्रदेश के लाखों बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। राज्य में स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने के दौरान की गई अतिरिक्त वसूली अब उपभोक्ताओं को वापस किए जाने की तैयारी है। इस फैसले से करीब 5 लाख उपभोक्ताओं को लगभग 3200 रुपये तक का लाभ मिलने की संभावना है।

UP News : उत्तर प्रदेश के लाखों बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। राज्य में स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने के दौरान की गई अतिरिक्त वसूली अब उपभोक्ताओं को वापस किए जाने की तैयारी है। इस फैसले से करीब 5 लाख उपभोक्ताओं को लगभग 3200 रुपये तक का लाभ मिलने की संभावना है। UP News
जानकारी के अनुसार, बिजली विभाग ने स्मार्ट मीटर लगाने के समय उपभोक्ताओं से प्रति मीटर 6,016 रुपये वसूले थे। हालांकि बाद में उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने नई कॉस्ट डाटा बुक जारी करते हुए स्मार्ट मीटर की वास्तविक कीमत 2,800 रुपये तय कर दी।
इस संशोधन के बाद यह स्पष्ट हुआ कि उपभोक्ताओं से प्रति मीटर 3,216 रुपये की अतिरिक्त वसूली की गई थी। इसी अंतर की राशि अब वापस लौटाई जाएगी। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, यह मामला करीब 5 लाख उपभोक्ताओं से जुड़ा है, जिनसे कुल मिलाकर लगभग 200 करोड़ रुपये की अतिरिक्त वसूली हुई थी। UP News
अधिकारियों के अनुसार, यह राशि सीधे नकद रूप में नहीं दी जाएगी। इसे बिजली बिल में समायोजित किया जाएगा। हालांकि अभी यह तय नहीं हुआ है कि पूरी रकम एकमुश्त मिलेगी या किस्तों में समायोजित की जाएगी। चूंकि प्रीपेड मीटर व्यवस्था में बदलाव हो चुका है, इसलिए राशि को रिचार्ज सिस्टम में लौटाना संभव नहीं है। ऐसे में बिल समायोजन ही फिलहाल सबसे व्यावहारिक विकल्प माना जा रहा है। उपभोक्ता परिषद की याचिका पर सुनवाई के बाद नियामक आयोग ने इस राशि को वापस करने के निर्देश दिए थे। फिलहाल, इस प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी की प्रक्रिया में रखा गया है और उम्मीद है कि जल्द ही इसे हरी झंडी मिल जाएगी। UP News
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