विज्ञापन
प्रदेश के मुरादाबाद जिले के बिलारी क्षेत्र में नाबालिग छात्रा के कथित धर्मांतरण और ब्रेनवॉश मामले में बड़ा कानूनी मोड़ आया है। इस मामले में आरोपी को इलाहाबाद हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत मिल गई है।

UP News : उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले के बिलारी क्षेत्र में नाबालिग छात्रा के कथित धर्मांतरण और ब्रेनवॉश मामले में बड़ा कानूनी मोड़ आया है। इस मामले में आरोपी को इलाहाबाद हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत मिल गई है। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि रिकॉर्ड पर ऐसे कोई ठोस और पुख्ता सबूत नहीं हैं, जो प्रथम दृष्टया आरोपी की संलिप्तता को साबित करते हों। UP News
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान टिप्पणी की कि:
* केवल पीड़िता के बयान के आधार पर निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता
* मामले में पर्याप्त भौतिक साक्ष्य मौजूद नहीं हैं
* आरोपी के फरार होने की संभावना भी कम है
* जांच में सहयोग का आश्वासन दिया गया है।
इन आधारों पर कोर्ट ने फातिमा को अग्रिम जमानत प्रदान कर दी।
यह विवाद तब शुरू हुआ जब बिलारी क्षेत्र में एक कोचिंग संस्थान के बाहर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ।
वीडियो में:
* कुछ छात्राएं बातचीत करती नजर आईं
* एक छात्रा को बुर्का पहनते हुए दिखाया गया
* आरोप लगा कि उसे धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया गया।
इसके बाद मामला तेजी से तूल पकड़ गया।
पीड़िता के भाई की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज किया था। आरोप लगाए गए थे कि:
* नाबालिग छात्रा का ब्रेनवॉश किया गया
* उसे धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया गया
* यह एक सुनियोजित प्रयास था।
इसके बाद पुलिस ने उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम के तहत केस दर्ज किया। हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद यह मामला फिलहाल कानूनी रूप से नए मोड़ पर पहुंच गया है। अदालत ने साफ किया है कि बिना ठोस सबूत किसी को लंबे समय तक हिरासत में रखना उचित नहीं है। UP News
विज्ञापन
विज्ञापन