किसानों के अधिकारों के लिए टिकैत ने उठाया बड़ा कदम

भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत गाजियाबाद पहुंचे और किसानों की महापंचायत में शामिल हुए। इस पंचायत का आयोजन वेव सिटी बिल्डर के खिलाफ किया गया था।

Indian Farmers Union Rakesh Tikait
भारतीय किसान यूनियन राकेश टिकैत (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar11 Jan 2026 10:09 PM
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UP News : पंचायत में टिकैत ने वेव सिटी के बिल्डर को भूमि अधिग्रहण से जुड़े मसलों को सुलझाने के लिए एक महीने का अल्टीमेटम दिया। उन्होंने कहा कि अगर बिल्डर समय पर किसानों की मांगों को नहीं मानता है, तो किसान खुद ट्रैक्टर चला कर अपनी ताकत दिखाएंगे। टिकैत ने यह भी दावा किया कि वह खुद ट्रैक्टर चलाकर इस मामले में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।

पंचायत में किसानों को दिया भरोसा

राकेश टिकैत ने कहा कि किसान अपनी जमीन के अधिकार के लिए हर संभव कदम उठाने को तैयार हैं। उन्होंने किसानों को आश्वस्त किया कि उनकी आवाज़ दबने नहीं दी जाएगी और वे अपनी मांगों के लिए दृढ़ खड़े हैं।

अमेरिका की दादागिरी पर टिकैत का बयान

महापंचायत के दौरान, राकेश टिकैत ने अमेरिका के रवैये पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “हमारे देश में चाहे अंदरूनी विवाद कितने भी हों, लेकिन अगर कोई हमारे प्रधानमंत्री या भारत के खिलाफ कुछ कहेगा तो हम देश और प्रधानमंत्री के साथ मजबूती से खड़े हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि भारत को अपने करीबी देशों जैसे चीन और नेपाल के साथ मजबूत संबंध बनाए रखने चाहिए।

राकेश टिकैत ने साफ कर दिया कि देश का किसान कमजोर नहीं है और ना ही नौजवान। उन्होंने कहा कि किसी भी बाहरी ताकत की दादागिरी को भारतीय किसान और युवा कभी सहन नहीं करेंगे। UP News

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उत्तर प्रदेश के सभी मतदान केंद्रों पर मतदाता सूची का अवलोकन शुरू, कटे नाम ऐसे जुड़वाएं

उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी, नवदीप रिणवा ने राज्य के नागरिकों से अपील की है कि वे अपने नाम सूची में उपस्थिति की जांच करें। अगर किसी व्यक्ति का नाम सूची में नहीं है, तो उसे निर्वाचन कार्यालय में बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) से संपर्क करके या आनलाइन आवेदन करके अपना नाम जुड़वाने का अवसर मिलेगा।

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मतदाता सूची का अवलोकन
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar11 Jan 2026 05:09 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर, राज्य के सभी मतदान केंद्रों पर कच्ची मतदाता सूची का अवलोकन शुरू हो गया है। रविवार को प्रदेश भर के सभी बूथों पर स्थानीय मतदाताओं के नाम पढ़े गए। इस प्रक्रिया का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक योग्य नागरिक का नाम मतदाता सूची में सही ढंग से दर्ज हो।

आनलाइन आवेदन से भी अपना नाम जुड़वा सकते हैं

उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी, नवदीप रिणवा ने राज्य के नागरिकों से अपील की है कि वे अपने नाम सूची में उपस्थिति की जांच करें। अगर किसी व्यक्ति का नाम सूची में नहीं है, तो उसे निर्वाचन कार्यालय में बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) से संपर्क करके या आनलाइन आवेदन करके अपना नाम जुड़वाने का अवसर मिलेगा।

संशोधन की अंतिम तिथि 6 फरवरी निर्धारित 

रिणवा ने यह भी बताया कि अगर किसी मतदाता को अपनी नाम सूची में कोई त्रुटि या कमी दिखाई देती है, तो वे इसे ठीक कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं। इस प्रक्रिया के लिए अंतिम तिथि 6 फरवरी निर्धारित की गई है, अत: नागरिकों से अनुरोध किया गया है कि वे इस तारीख से पहले अपनी स्थिति सुनिश्चित कर लें। अगर आप उत्तर प्रदेश के मतदाता हैं और इस प्रक्रिया के बारे में अधिक जानकारी चाहते हैं, तो आप अपने स्थानीय बूथ पर जाकर या निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर अपने नाम की स्थिति चेक कर सकते हैं।

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फर्जी नियुक्तियों पर रोक लगाने की पहल : तीन महीने के अंदर होगी जांच

विभाग में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और ऐसी अनियमितताओं को रोकने के लिए, समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट शासनादेश जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि आउटसोर्सिंग के जरिए की जाने वाली सभी नियुक्तियां पूरी तरह से नियमों और प्रक्रियाओं के अनुरूप।

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राज्यमंत्री असीम अरुण प्रेसवार्ता करते हुए
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar11 Jan 2026 04:08 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश सरकार ने समाज कल्याण विभाग में फर्जी नियुक्तियों को लेकर एक अहम पहल की है। मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के तहत कुछ कोआॅर्डिनेटरों द्वारा फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नियुक्तियां किए जाने के मामले सामने आने के बाद समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने कड़ा रुख अपनाया है। विभाग में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और ऐसी अनियमितताओं को रोकने के लिए, समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट शासनादेश जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि आउटसोर्सिंग के जरिए की जाने वाली सभी नियुक्तियां पूरी तरह से निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं के अनुरूप हों।

नए शासनादेश का उद्देश्य: पारदर्शिता और मानकों का पालन

असीम अरुण ने कहा कि समाज कल्याण विभाग में आउटसोर्सिंग से जुड़ी सभी नियुक्तियों की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी होगी। अब तक कई नियुक्तियां बिना उचित दस्तावेज सत्यापन के की गई थीं, जिनमें फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किए जाने की संभावना थी। विभाग की तरफ से जारी शासनादेश में यह स्पष्ट किया गया है कि अब से हर आउटसोर्सिंग कर्मचारी की नियुक्ति से पहले उसके शैक्षिक और अन्य आवश्यक दस्तावेजों की गहन जांच की जाएगी। इसके साथ ही, सभी कर्मचारियों का पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य किया जाएगा, जिससे उनकी पृष्ठभूमि और पूर्व में किए गए कार्यों का सही सत्यापन किया जा सके। यह कदम विभाग में भरोसा और पारदर्शिता को बढ़ाने के लिए लिया गया है।

तीन महीने में होगी मौजूदा कर्मचारियों की जांच

समाज कल्याण राज्यमंत्री असीम अरुण ने निर्देश दिए हैं कि वर्तमान में कार्यरत आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के दस्तावेजों की जांच अगले तीन महीनों के भीतर पूरी की जाए। यह जांच प्रक्रिया सुनिश्चित करेगी कि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या नियमों की अवहेलना न हो। उन्होंने यह भी कहा कि समाज कल्याण विभाग में कार्यरत किसी भी व्यक्ति के खिलाफ किसी भी तरह की गड़बड़ी या अनियमितता की स्थिति में सख्त कार्रवाई की जाएगी। असीम अरुण ने कहा, हमारा उद्देश्य समाज कल्याण विभाग में पूरी तरह से पारदर्शिता और जिम्मेदारी सुनिश्चित करना है। आउटसोर्सिंग के माध्यम से की जाने वाली सभी नियुक्तियां पूरी तरह से नियमों और मानकों के अनुसार होंगी। जहां कहीं भी अनियमितता मिलेगी, वहां कठोर कार्रवाई की जाएगी।

सख्त कार्रवाई का संदेश

समाज कल्याण विभाग में हुई इस पहल से यह संदेश जाता है कि सरकार अब किसी भी प्रकार की भ्रष्टाचार और अनियमितता को बर्दाश्त नहीं करेगी। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि आउटसोर्सिंग के जरिए भर्ती होने वाले सभी कर्मचारियों के दस्तावेजों का पूरी तरह से सत्यापन किया जाएगा और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि वे सभी नियमों का पालन करें। किसी भी प्रकार की फर्जी नियुक्तियों पर रोक लगाने के लिए सरकारी तंत्र पूरी तरह से सक्रिय हो गया है।

आउटसोर्सिंग की प्रक्रिया को और सुदृढ़ बनाना

असीम अरुण के नेतृत्व में, समाज कल्याण विभाग ने यह सुनिश्चित किया है कि आउटसोर्सिंग के जरिए की जाने वाली नियुक्तियों में पूरी पारदर्शिता बनी रहे। इससे न केवल सरकार की छवि बेहतर होगी, बल्कि सरकारी योजनाओं का लाभ सही व्यक्ति तक पहुंचने में भी मदद मिलेगी। राज्यमंत्री ने कहा कि समाज कल्याण विभाग में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या विभागीय भ्रष्टाचार को बिल्कुल भी स्वीकार नहीं किया जाएगा। इसके अलावा, सभी कर्मचारियों की कार्यप्रणाली में सुधार और उनका भला करने के लिए सरकार द्वारा सही कदम उठाए जा रहे हैं।

कर्मचारियों के लिए नई दिशा

समाज कल्याण विभाग में सुधार की दिशा में यह कदम महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे कर्मचारियों के लिए एक स्पष्ट दिशा तय होगी, और उनके कार्यों की निगरानी बेहतर तरीके से की जा सकेगी। साथ ही, विभाग में नियुक्तियों के लिए पारदर्शिता बढ़ेगी, जिससे समाज के कमजोर वर्गों को अधिक से अधिक लाभ मिल सकेगा। इस प्रकार, समाज कल्याण विभाग ने आउटसोर्सिंग नियुक्तियों की प्रक्रिया को और सख्त और पारदर्शी बनाने के लिए एक नई दिशा अपनाई है, जिससे भविष्य में कोई भी गड़बड़ी या धोखाधड़ी की संभावना समाप्त हो सकेगी।

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