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उत्तर प्रदेश के उभरते क्रिकेट सितारे रिंकू सिंह को अब खेल के मैदान के साथ-साथ प्रशासनिक जिम्मेदारी भी मिलने जा रही है। उत्तर प्रदेश सरकार ने रिंकू सिंह को क्षेत्रीय खेल अधिकारी (रीजनल स्पोर्ट्स ऑफिसर) के पद पर तैनात करने का फैसला किया है।

UP News : उत्तर प्रदेश के उभरते क्रिकेट सितारे रिंकू सिंह को अब खेल के मैदान के साथ-साथ प्रशासनिक जिम्मेदारी भी मिलने जा रही है। उत्तर प्रदेश सरकार ने रिंकू सिंह को क्षेत्रीय खेल अधिकारी (रीजनल स्पोर्ट्स ऑफिसर) के पद पर तैनात करने का फैसला किया है। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जल्द ही उन्हें औपचारिक रूप से नियुक्ति पत्र सौंपेंगे। लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में रिंकू सिंह को नियुक्ति पत्र दिया जाना था, लेकिन वह इसमें शामिल नहीं हो सके। इसके पीछे वजह उनकी क्रिकेट प्रतिबद्धताएं रहीं। रिंकू सिंह ने एक वीडियो संदेश जारी कर बताया कि वह इस समय आईपीएल 2026 की तैयारियों में व्यस्त हैं और कोलकाता नाइट राइडर्स के ट्रेनिंग कैंप से जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि वह जल्द ही मुख्यमंत्री से मिलकर नियुक्ति पत्र प्राप्त करेंगे।
उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ से निकलकर राष्ट्रीय क्रिकेट जगत में खास पहचान बनाने वाले रिंकू सिंह के लिए यह समय बेहद अहम साबित हो रहा है। एक तरफ उन्हें आईपीएल 2026 में कोलकाता नाइट राइडर्स की उपकप्तानी सौंपी गई है, वहीं दूसरी ओर उत्तर प्रदेश सरकार ने उन्हें खेल प्रशासन से जुड़ा महत्वपूर्ण पद देकर सम्मानित किया है। इस तरह रिंकू सिंह को आईपीएल सीजन शुरू होने से पहले दो बड़ी खुशखबरियां मिली हैं। यह उपलब्धि उनके बढ़ते कद और खेल जगत में उनकी मजबूत साख को भी दर्शाती है। बता दें कि रिंकू सिंह को उत्तर प्रदेश में क्षेत्रीय खेल अधिकारी (Regional Sports Officer) के पद पर तैनात किया गया है। यह पद राज्य सरकार की व्यवस्था में द्वितीय श्रेणी के गजेटेड अधिकारी के स्तर का माना जाता है। सामान्य रूप से इस स्तर के पदों को प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि इनके माध्यम से खेल गतिविधियों की निगरानी, समन्वय और प्रोत्साहन का काम आगे बढ़ाया जाता है। रिंकू सिंह की नियुक्ति को केवल एक सम्मानजनक पदस्थापना नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश में खिलाड़ियों को सरकारी सेवा से जोड़ने की नीति का मजबूत संकेत भी माना जा रहा है।
क्षेत्रीय खेल अधिकारी के रूप में रिंकू सिंह की भूमिका बहुआयामी हो सकती है। उत्तर प्रदेश में खेल प्रतिभाओं को आगे लाने, स्थानीय खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं दिलाने, स्टेडियमों और खेल परिसरों की व्यवस्था पर नजर रखने तथा नई खेल योजनाओं को जमीन पर उतारने में उनकी भूमिका अहम मानी जाएगी। पिछले कुछ वर्षों में उत्तर प्रदेश ने खेल ढांचे को मजबूत करने पर तेजी से काम किया है। राज्य के अलग-अलग हिस्सों में बड़े खेल परिसर और अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं विकसित करने की दिशा में प्रयास हो रहे हैं। वाराणसी में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण चर्चा में रहा है, गोरखपुर में खेल ढांचे को विस्तारित करने की कोशिशें जारी हैं और गाजियाबाद समेत कई शहरों में भी खेल अवसंरचना को मजबूत करने की योजना पर काम हो रहा है। ऐसे में रिंकू सिंह जैसे लोकप्रिय और सक्रिय खिलाड़ी की मौजूदगी उत्तर प्रदेश के खेल तंत्र को नई ऊर्जा दे सकती है। यह उम्मीद की जा रही है कि वह जमीनी स्तर पर खिलाड़ियों से बेहतर संवाद स्थापित कर सकेंगे और प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने में उपयोगी भूमिका निभाएंगे।
क्षेत्रीय खेल अधिकारी का पद गजेटेड श्रेणी का होने के कारण इससे जुड़ा वेतनमान भी आकर्षक माना जाता है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश में इस श्रेणी के अधिकारी को करीब 70 हजार रुपये से 80 हजार रुपये प्रतिमाह तक वेतन मिल सकता है। इसके अलावा अन्य भत्ते और सरकारी सुविधाएं भी नियमानुसार मिल सकती हैं। हालांकि अंतिम वेतनमान सरकार के सेवा नियमों और पद के स्तर के अनुसार तय होगा, लेकिन इतना साफ है कि यह पद सम्मान और जिम्मेदारी दोनों के लिहाज से महत्वपूर्ण है।
उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ से आने वाले रिंकू सिंह ने अपने संघर्ष, अनुशासन और प्रतिभा के दम पर भारतीय क्रिकेट में खास मुकाम बनाया है। आईपीएल ने उन्हें बड़ा मंच दिया, लेकिन उनकी असली पहचान उस समय बनी जब उन्होंने 2023 सीजन में गुजरात टाइटंस के खिलाफ लगातार पांच छक्के लगाकर कोलकाता नाइट राइडर्स को रोमांचक जीत दिलाई। उस एक पारी ने रिंकू सिंह को घर-घर में पहचान दिला दी। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। अपनी दमदार बल्लेबाजी और चुस्त फील्डिंग के दम पर उन्होंने भारतीय टीम में जगह बनाई और कई बड़े मंचों पर देश का प्रतिनिधित्व किया। रिंकू सिंह उन खिलाड़ियों में शामिल रहे हैं जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की सफलता में योगदान दिया और उत्तर प्रदेश का नाम भी रोशन किया। UP News
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