नीचे बहती नदी, ऊपर दौड़ती नहर : यूपी के इस शहर के पास दिखता है प्रकृति और इंजीनियरिंग का अनोखा संगम!
Uttar Pradesh Samachar
उत्तर प्रदेश
चेतना मंच
29 Jul 2025 10:38 PM
उत्तर प्रदेश में एक ऐसी जगह है, जो न सिर्फ प्राकृतिक सुंदरता का उदाहरण है, बल्कि भारतीय इंजीनियरिंग कौशल की मिसाल भी पेश करती है। आप सोचिए, नीचे गोमती नदी का कलकल बहता पानी, और ठीक उसके ऊपर से गुजरती है विशाल इंदिरा नहर। यह दृश्य जितना अद्भुत है, उतना ही दुर्लभ भी। यह नजारा आपको मिलेगा लखनऊ से सिर्फ 20 किलोमीटर दूर इंदिरा डैमपर, जो अब एक उभरता हुआ पर्यटन और पिकनिक डेस्टिनेशन बनता जा रहा है। Uttar Pradesh Samachar
क्या है खास?
इंदिरा डैम एक एक्वाडक्ट है, यानी ऐसा पुल जिसके ऊपर से पानी (नहर) बहता है और नीचे से नदी। नीचे बहती है गोमती नदी, जबकि ऊपर से गुजरती है इंदिरा नहर, जिसकी चौड़ाई करीब 45 मीटर है। यह संरचना 6 कॉलम और 2 मजबूत पियर्स पर टिकी हुई है, जो इसे भूकंप व जलदबाव से भी सुरक्षित बनाती है। इसकी परिकल्पना 1958 में की गई थी और 1975 में प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने इसे "इंदिरा नहर परियोजना" नाम दिया। इसका उद्देश्य उत्तर प्रदेश के 15 से अधिक जिलों में सिंचाई और पेयजल आपूर्ति था। यह परियोजना राजस्थान की सतलज-व्यास योजना से प्रेरित थी, जिससे शुष्क इलाकों में पानी पहुंचाया गया था।
क्यों जाएं यहां?
यहां का हराभरा प्राकृतिक दृश्य, दोनों ओर बने पुल, और बहते जल की गूंज एक शांत और मोहक अनुभव देती है। यह जगह पारिवारिक पिकनिक, फोटोग्राफी, या फिर एक शांत एकांत पल बिताने के लिए शानदार है। इंदिरा नहर अब सुल्तानपुर, अंबेडकर नगर, जगदीशपुर जैसे इलाकों में पेयजल का मुख्य स्रोत भी बन चुकी है। यह स्थल लखनऊ के हजरतगंज से 20 किमी दूर, किसान पथ पर स्थित है। सुल्तानपुर या वाराणसी रोड होते हुए यहां आसानी से पहुँचा जा सकता है। इंदिरा डैम एक ऐसी जगह है जहाँ प्राकृतिक सौंदर्य और मानव रचनात्मकता का अद्भुत मेल देखने को मिलता है। अगर आप कुछ अलग, शांत और रोचक तलाश रहे हैं, तो अगली बार लखनऊ जाएं तो इस नीचे नदी, ऊपर नहर वाले चमत्कारी दृश्य को जरूर देखें। यह सिर्फ एक घूमने की जगह नहीं, बल्कि विकास और विजन का प्रतीक है। Uttar Pradesh Samachar