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उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव-2027 की हलचल तेज हो गई है। इस हलचल के बीच एक अपुष्ट खबर यह भी चल रही है कि उत्तर प्रदेश में विधानसभा के चुनाव समय से पहले भी कराए जा सकते हैं। इस दौरान सभी राजनीतिक दलों ने विधानसभा चुनाव की तैयारियां तेज कर दी हैं।

UP News : उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव-2027 की हलचल तेज हो गई है। इस हलचल के बीच एक अपुष्ट खबर यह भी चल रही है कि उत्तर प्रदेश में विधानसभा के चुनाव समय से पहले भी कराए जा सकते हैं। इस दौरान सभी राजनीतिक दलों ने विधानसभा चुनाव की तैयारियां तेज कर दी हैं। इन तैयारियों के बीच सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की है कि किस विधानसभा सीट से किस पार्टी के किस नेता को टिकट मिलेगा। इसी चर्चा से सामने आया है कि उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी के 32 वर्तमान विधायकों के टिकट पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है। UP News
आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश तथा केन्द्र में राष्ट्रीय लोकदल (RLD) भाजपा का प्रमुख सहयोगी दल है। वर्ष-2022 में RLD ने समाजवादी पार्टी के साथ समझौता करके चुनाव लड़ा था। वर्ष-2027 में उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में RLD पार्टी भाजपा के साथ समझौते में चुनाव लड़ेगी। इस दौरान RLD ने भाजपा से विधानसभा की 40 सीट मांगी हैं। RLD के 40 सीटों पर दावे के कारण भाजपा के 31 वर्तमान विधायकों का टिकट खतरे में पड़ गया है। उत्तर प्रदेश में RLD के 9 विधायक हैं। जाहिर है कि RLD अपनी वर्तमान सभी सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारेगी। साथ ही RLD ने भाजपा के विधायकों वाली 31 और सीट मांग ली हैं। RLD की मंशा पूरी होने पर भाजपा से जीते हुए 31 विधायकों के टिकट कट जाएंगे। यही कारण है कि भाजपा में विधायकों का एक बड़ा वर्ग RLD को कम से कम सीट देने की वकालत कर रहा है। UP News
उत्तर प्रदेश में हुए वर्ष-2022 के चुनाव की बात करें तो समाजवादी पार्टी ने प्रदेश में RLD को 30 सीटें दी थीं। RLD ने 30 में से 8 सीट जीत ली थीं। RLD ने एक सीट उपचुनाव में जीती है। इस प्रकार उत्तर प्रदेश में RLD के 9 विधायक हैं। RLD के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी ने वर्ष-2027 में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा से 40 सीटें मांग ली हैं। इन 40 सीटों में पश्चिम उत्तर प्रदेश के सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मथुरा, आगरा तथा गौतमबुद्धनगर जिलों की विधानसभा सीट शामिल हैं। भाजपा के अंर्तंग सूत्रों का दावा है कि पार्टी RLD के महत्व को समझते हुए 30 से 35 सीट तक देने पर सहमत हो सकती है। भाजपा के कुछ नेता RLD को 20 से अधिक सीट देने के पक्ष में नहीं हैं। अगले कुछ दिनों में भाजपा तथा RLD के नेता सीट शेयरिंग के फार्मूले को घोषित कर सकते हैं। भाजपा से पर्याप्त सीट ना मिलने पर RLD का समाजवादी पार्टी के साथ जाने का विकल्प भी खुला हुआ है। इस कारण भाजपा RLD मुखिया जयंत चौधरी को उनकी मांग के अनुरूप सीट देने को मजबूर हो सकती है। RLD के राष्ट्रीय महासचिव त्रिलोक त्यागी ने संभावना व्यक्त की है कि उनकी पार्टी को भाजपा 40 सीट दे देगी। UP News
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