बहराइच के नानपारा क्षेत्र में हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने एक परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। 36 वर्षीय जंगली पुत्र छंगा की बाइक की टक्कर के बाद मौत हो गई।

UP News : उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले के नानपारा क्षेत्र से सामने आई दर्दनाक खबर ने हर किसी को झकझोर दिया है। एक परिवार ने महज एक महीने के भीतर अपने मां और पिता दोनों को खो दिया। आठ बच्चों की मां की करीब एक माह पहले प्रसव के दौरान मौत हो गई थी। अब सड़क हादसे में पिता की भी जान चली गई। माता-पिता के चले जाने के बाद आठ मासूम बच्चों के सिर से एक साथ मां और पिता का साया उठ गया है। बताया गया कि नानपारा क्षेत्र के मथुरा सिसवारा गांव के पास 5 अक्टूबर की देर रात यह हादसा हुआ। 36 वर्षीय जंगली पुत्र छंगा शौच के बाद घर लौट रहा था। इसी दौरान नहर के पास एक बाइक ने उसे टक्कर मार दी। हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
जानकारी के मुताबिक जंगली शौच के लिए घर से बाहर गया था। वापस लौटते समय मथुरा सिसवारा गांव के पास नहर पर तेज रफ्तार बाइक की चपेट में आ गया। टक्कर लगने के बाद वह सड़क पर गंभीर हालत में घायल पड़ा था। हादसे की जानकारी मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और घायल जंगली को इलाज के लिए नानपारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर गए। वहां उसकी हालत गंभीर देखते हुए चिकित्सकों ने उसे बहराइच रेफर कर दिया। परिजन जंगली को लेकर बहराइच के लिए रवाना हुए, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में उसकी मौत हो गई। अचानक हुई इस मौत की खबर मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। घटना के बाद बच्चों और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। एक माह के भीतर परिवार में हुई दूसरी बड़ी मौत ने सभी को गहरे सदमे में डाल दिया है।
जंगली के परिवार पर यह पहला दुख नहीं था। बताया गया कि करीब एक महीने पहले उसकी पत्नी की आठवें बच्चे को जन्म देते समय मौत हो गई थी। पत्नी की मौत के बाद आठों बच्चों की जिम्मेदारी जंगली के कंधों पर आ गई थी। वह परिवार का अकेला कमाने वाला सदस्य बताया जा रहा है। पत्नी के निधन के बाद जंगली किसी तरह अपने बच्चों का पालन-पोषण कर रहा था, लेकिन अब सड़क हादसे में उसकी भी मौत हो गई। एक महीने के भीतर मां और पिता दोनों को खो चुके आठ बच्चों की स्थिति बेहद दुखद है। परिवार के सामने अब बच्चों के पालन-पोषण, पढ़ाई और भविष्य की चिंता खड़ी हो गई है। माता-पिता को खोने वाले इन बच्चों की हालत देखकर ग्रामीण भी भावुक हैं। गांव में इस हादसे के बाद शोक का माहौल है।
जंगली की मौत के बाद परिवार की आर्थिक स्थिति को लेकर भी गंभीर संकट खड़ा हो गया है। वह परिवार के लिए कमाने वाला मुख्य सदस्य था। अब बच्चों की जिम्मेदारी किसके कंधों पर होगी, यह बड़ा सवाल बन गया है। ग्रामीणों के मुताबिक परिवार पहले ही पत्नी की मौत के सदमे से उबर नहीं पाया था कि एक और हादसे ने पूरे परिवार को तोड़ दिया। मां और पिता दोनों के चले जाने के बाद आठों बच्चों के सामने जीवन की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। परिवार और ग्रामीणों के लिए भी अब बच्चों के भविष्य और देखभाल का सवाल अहम हो गया है।
हादसे की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस हादसे के कारणों और बाइक सवार के संबंध में जानकारी जुटा रही है। पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और बाइक कौन चला रहा था। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। एक महीने के भीतर मां और पिता दोनों को खोने वाले आठ बच्चों की कहानी ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया है।
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