मोहन भागवत ने कहा कि आज मंदिर निर्माण की शास्त्रीय विधि से पूर्णता हुई। वह राम ध्वज लहराया, जो कभी संपूर्ण विश्व में अपने आलोक से सुख शांति प्रदान करता था। इसे फिर से नीचे से ऊपर चढ़ता हुआ और अपने शिखर पर विराजमान होता हुआ, हमने अपनी आंखों से देखा है।

UP News : राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ (RSS) के सरसंघ चालक डॉ. मोहन भागवत ने उत्तर प्रदेश की धरती पर अपना सपना सार्वजनिक रूप से साझा किया है। इतना ही नहीं RSS प्रमुख ने यह भी कहा कि जो सपना देखा था उत्तर प्रदेश की धरती पर उस सपने से भी बड़ा सच साकार होकर पूरी दुनिया के सामने आया है। RSS के सर संघ चालक डॉ. मोहन भागवत मंगलवार को उत्तर प्रदेश के अयोध्या शहर में भगवान श्रीराम के मंदिर पर धर्म ध्वज फहराने के दौरान राम भक्तों को संबोधित कर रहे थे।
RSS प्रमुख ने राम मंदिर परिसर में अपने संबोधन की शुरूआत राम मंदिर आंदोलन से जुड़े हुए तमाम पुराने लोगों से की। उन्होंने कहा कि सिंहल जी, रामचंद्र दास महाराज तथा डालमिया को जरूर शांति मिल गई होगी। मोहन भागवत ने कहा कि आज मंदिर निर्माण की शास्त्रीय विधि से पूर्णता हुई। वह राम ध्वज लहराया, जो कभी संपूर्ण विश्व में अपने आलोक से सुख शांति प्रदान करता था। इसे फिर से नीचे से ऊपर चढ़ता हुआ और अपने शिखर पर विराजमान होता हुआ, हमने अपनी आंखों से देखा है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार के राम मंदिर का सपना देखा था वास्तव में राम मंदिर उससे भी ज्यादा भव्य बना है। अपने संबोधन में RSS प्रमुख ने कहा कि आज करोड़ों लोगों की आस्था मूर्त रूप में सामने हैं।
अपने संबोधन में RSS प्रमुख डॉ. मोहन भागवत ने आगे कहा कि जिस प्रकार मंदिर के शिखर पर धर्मध्वजा फहराई गई है, उसी प्रकार सनातन धर्म की ध्वजा को भी विश्व के शिखर तक ले जाना हमारा कर्तव्य है।कभी भारत विश्वगुरु था, लेकिन आक्रांताओं ने हजार वर्षों तक इसे रौंदा। अब वह समय बीत चुका है और भारत अपनी विरासत, संस्कृति और गौरव को फिर से स्थापित करने के लिए तैयार है। उन्होंने इस दिन को भारत की सच्ची आजादी की स्थापना का क्षण बताया, जहां सदियों के संघर्ष के बाद आत्म-गौरव पुनर्जीवित हुआ है। सरसंघचालक ने कामना की कि भारत पुन: विश्वगुरु बने और हर भारतीय अपने जीवन को सार्थक, धर्मनिष्ठ और कल्याणकारी दिशा में आगे बढ़ाए। UP News