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Cockroach Janata Party: कॉकरोच जनता पार्टी एक व्यंग्यात्मक ऑनलाइन आंदोलन है, जो 16 मई 2026 को अभिजीत दीपके द्वारा शुरू किया गया।

Cockroach Janata Party: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) को लेकर जताई जा रही चिंताओं को खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि एक लोकतांत्रिक समाज में खुली बहस और अलग-अलग विचार होना पूरी तरह सामान्य है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक आंबेकर ने कहा कि भारत एक जागरूक समाज है जो लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के माध्यम से काम करता है।उन्होंने कहा कि अलग-अलग विचारों को एक लोकतांत्रिक व्यवस्था की स्वाभाविक विशेषता के रूप में देखा जाना चाहिए।
'हम लोकतांत्रिक प्रक्रिया का पालन करते हैं'
आरएसएस के प्रचार प्रमुख ने कहा, "हम लोकतांत्रिक प्रक्रिया का पालन करते हैं। लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत, हमारे यहां पारदर्शी चुनाव होते हैं, मीडिया स्वतंत्र है, अब सोशल मीडिया भी मौजूद है। हर दिन खुले मंचों पर चर्चाएँ होती हैं। इसलिए, मेरा मानना है कि लोकतंत्र में, किसी भी तरह की चर्चा या लोगों द्वारा अलग-अलग राय ज़ाहिर करने को कोई चौंकाने वाली बात नहीं समझना चाहिए। इसे सामान्य प्रक्रिया का ही एक हिस्सा माना जाना चाहिए।"
'युवा पीढ़ी बहुत आशावान'
आंबेकर ने देश के युवाओं की भी तारीफ करते हुए कहा, "हमारी युवा पीढ़ी, जिसे कभी-कभी 'Gen Z' कहा जाता है, बहुत आशावान है। उन्हें भारत पर ज़बरदस्त भरोसा है। वे जो कुछ भी करते हैं, वह संवैधानिक प्रक्रिया के दायरे में ही होता है। उनका योगदान भारत को आगे ले जाने की दिशा में है। हमारे देश के युवाओं ने अपनी सारी ऊर्जा इसी काम में लगा दी है, और यही वजह है कि देश हर क्षेत्र में प्रगति कर रहा है।"
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) क्या है?
कॉकरोच जनता पार्टी (Cockroach Janta Party - CJP) एक व्यंग्यात्मक ऑनलाइन आंदोलन है, जो 16 मई 2026 को अभिजीत दीपके द्वारा शुरू किया गया। यह मुख्य रूप से सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सूर्या कांत के एक टिप्पणी के जवाब में शुरू हुआ, जिसमें उन्होंने कुछ बेरोजगार युवाओं को “कॉकरोच” की संज्ञा दी थी। यह कोई औपचारिक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि सोशल मीडिया पर युवाओं की निराशा, बेरोजगारी, महंगाई, परीक्षा पेपर लीक और अन्य मुद्दों को हास्य और मीम्स के जरिए व्यक्त करने का मंच है।
केवल कुछ दिनों में इसने सोशल मीडिया पर चर्चाओं के मामले में सबको पीछे छोड़ दिया। हालांकि कुछ लोग इसे विपक्षी दलों से जोड़कर देखते हैं।
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