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Ram Mandir Controversy: राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी पर आरएसएस ने भी बयान जारी कर दिया है।

Ram Mandir Controversy: राम मंदिर चंदा चोरी के मामले पर आरएसएस की तरफ से पहला आधिकारिक बयान आया है। आरएसएस के जनरल सेक्रेटरी दत्तात्रेय होसबोले ने कहा, "भगवान राम की जन्मभूमि पर बना भव्य राम मंदिर, पीढ़ियों के संघर्ष और लाखों राम भक्तों के समर्पण, त्याग और निष्ठा की वजह से पूरे हिंदू समाज के लिए आस्था, भक्ति और श्रद्धा का केंद्र बन गया है। अयोध्या में श्री राम लल्ला मंदिर में रखे दान-पात्रों से कथित तौर पर पैसे चोरी होने की दुर्भाग्यपूर्ण घटना ने राम भक्तों और व्यापक समाज की भावनाओं और आस्था को गहरी चोट पहुंचाई है।"
होसबोले ने कहा, "राम मंदिर के लिए दिए गए दान की चोरी के मामले पर RSS के जनरल सेक्रेटरी दत्तात्रेय होसबोले ने कहा, "हम सभी इस घटना के बारे में जानते हैं। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर, उत्तर प्रदेश सरकार ने मामले की जांच के लिए एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) बनाई है और कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। यह पक्का करना ज़रूरी है कि दोषियों को कड़ी सज़ा मिले।"
आरएसएस महासचिव ने कहा, " राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ संपूर्ण हिन्दू समाज से भी आह्वान करता है कि इस कठिन क्षण में वह आवश्यक धैर्य और संयम का परिचय दें तथा इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना का लाभ उठाकर हिन्दू विरोधी, राष्ट्र विरोधी शक्तियों के हिंदू धर्म एवं समाज को बदनाम करने के षड़यंत्रों को विफल करे।"
क्या है पूरा मामला?
राम मंदिर चढ़ावे से जु़ड़ा विवाद सात जून को शुरू हुआ जब समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने राम मंदिर में दान की राशि के गबन का आरोप लगाया था। उस समय मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि दान प्रबंधन प्रणाली की आंतरिक जांच में ‘‘कोई उल्लेखनीय बात’’ सामने नहीं आई है। इसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया।
एसआईटी ने 23 जून को प्रारंभिक रिपोर्ट सरकार को सौंपी। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट में मंदिर के दान संग्रह और गणना से संबंधित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के व्यापक रूप से उल्लंघन की बात सामने आई है। इस रिपोर्ट के आधार पर 25 जून को प्राथमिकी दर्ज की गई और चढ़ावे की गणना प्रक्रिया से जुड़े आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया। इस बीच चंपत राय और ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया।
गिरफ्तार आठों आरोपी- अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लव कुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडेय, राम शंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और रमाशंकर उर्फ टिन्नू यादव मंदिर में प्राप्त नकद दान और कीमती सामान की गणना की प्रक्रिया से जुड़े थे। गिरफ्तार आरोपियों में से एक रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव चंपत राय का पूर्व ड्राइवर है।
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