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प्रदेश के सहारनपुर जिले से एक अनोखी और दिलचस्प खबर सामने आई है, जहां एक मुर्रा नस्ल की भैंस गार्गी ने अपने असाधारण दूध उत्पादन से पूरे प्रदेश में सुर्खियां बटोर ली हैं।

UP News : उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले से एक अनोखी और दिलचस्प खबर सामने आई है, जहां एक मुर्रा नस्ल की भैंस गार्गी ने अपने असाधारण दूध उत्पादन से पूरे प्रदेश में सुर्खियां बटोर ली हैं। इस भैंस ने एक दिन में 23 लीटर से अधिक दूध देकर राज्य में पहला स्थान हासिल किया है, जिसके बाद पशुपालन क्षेत्र में इसकी चर्चा तेज हो गई है।
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गांव की साधारण शुरुआत से रिकॉर्ड तक का सफर
गार्गी को मोहम्मदपुर गांव में पाला गया है। इसके मालिक पूर्व जिला पंचायत सदस्य चौधरी विक्रम सिंह के परिवार से जुड़े हुए हैं। परिवार का कहना है कि यह उपलब्धि अचानक नहीं मिली, बल्कि करीब 15 वर्षों की लगातार मेहनत और बेहतर पशु प्रबंधन का नतीजा है। शुरुआत में उनके पास सामान्य भैंसें थीं, जो मुश्किल से 8 से 9 लीटर दूध देती थीं। लेकिन धीरे-धीरे बेहतर नस्ल सुधार और देखभाल के जरिए उन्होंने मुर्रा नस्ल को विकसित किया, जिसका नतीजा आज गार्गी के रूप में सामने है। परिवार के अनुसार गार्गी का टीकाकरण और नस्ल सुधार हरियाणा के प्रसिद्ध मुर्रा भैंसे भीम से कराया गया था। इसके बाद उसकी दूध उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई। लगभग चार साल की उम्र की यह भैंस अपने विशाल आकार और मजबूत कद-काठी के कारण भी लोगों का ध्यान आकर्षित करती है।
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वैज्ञानिक जांच में भी साबित हुई क्षमता
हाल ही में उत्तर प्रदेश पशुपालन विभाग और कृषि विशेषज्ञों की टीम ने गांव में पहुंचकर गार्गी की दूध देने की क्षमता की जांच की। लाइव मॉनिटरिंग के दौरान इसके उत्पादन की पुष्टि की गई, जिसके बाद इसे प्रदेश की नंबर-1 दूध देने वाली भैंस घोषित किया गया। इस जांच में दूसरे स्थान पर रही भैंस ने लगभग 21.7 लीटर और तीसरे स्थान पर रही भैंस ने करीब 21.2 लीटर दूध दिया। गार्गी की लोकप्रियता इतनी बढ़ चुकी है कि इसकी कीमत 20 लाख से लेकर 50 लाख रुपये तक लगाई जा चुकी है। हालांकि मालिक परिवार का कहना है कि अब यह उनके लिए सिर्फ एक पशु नहीं बल्कि सम्मान और पहचान का प्रतीक बन चुकी है, इसलिए इसे बेचने का कोई सवाल नहीं है।
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