गुर्जर प्रतिहार महासंघ के आह्वान पर समाज के लोगों ने पुलिस कार्रवाई के विरोध में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मेरठ के पूर्व SSP अविनाश पांडेय समेत अन्य पुलिस अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज करने, निलंबन और गिरफ्तारी की मांग उठाई।

सहारनपुर, (चेतना मंच)। किसान नेता दिग्विजय भाटी से जुड़े मामले को लेकर सहारनपुर में गुर्जर समाज का आक्रोश सामने आया। सोमवार को गुर्जर प्रतिहार महासंघ के आह्वान पर समाज के लोगों ने पुलिस कार्रवाई के विरोध में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मेरठ के पूर्व SSP अविनाश पांडेय समेत अन्य पुलिस अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज करने, निलंबन और गिरफ्तारी की मांग उठाई।
खराब मौसम और अग्निवीर भर्ती परीक्षा के चलते प्रस्तावित धरना हकीकत नगर स्थित धरना स्थल पर नहीं हो सका। इसके बाद बड़ी संख्या में गुर्जर समाज के लोग गुर्जर भवन में एकत्र हुए। यहां समाज के नेताओं ने दिग्विजय भाटी प्रकरण में पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शनकारियों ने मेरठ के पूर्व SSP अविनाश पांडेय के अलावा अन्य पुलिस अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज करने और उन्हें निलंबित कर जेल भेजने की मांग की। साथ ही मेरठ के इंस्पेक्टर अखिलेश गौड़ पर भी गंभीर आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की गई।
समाज के नेताओं का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यदि किसी पुलिस अधिकारी की भूमिका नियमों के खिलाफ पाई जाती है तो उसके खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की जानी चाहिए।
गुर्जर समाज के नेता एडवोकेट प्रवेश गुर्जर ने आरोप लगाया कि आंदोलन से पहले ही कई लोगों को हाउस अरेस्ट किया गया था। उन्होंने दावा किया कि कुछ लोगों के साथ हिरासत के दौरान थर्ड डिग्री और टॉर्चर किया गया।
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में आरोपों की वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
प्रवेश गुर्जर ने कहा कि पूर्व SSP का केवल तबादला कर देना पर्याप्त नहीं है। उनका कहना है कि यदि आम नागरिक के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई होती है तो पुलिस अधिकारियों को भी उसी कानून के दायरे में रखा जाना चाहिए।
उन्होंने मांग की कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। समाज के नेताओं ने कहा कि पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर लोगों में आक्रोश बढ़ रहा है।
गुर्जर समाज के प्रतिनिधियों ने प्रशासन से पूरे मामले को गंभीरता से लेने और उनकी मांगों पर जल्द निर्णय करने की अपील की है। साथ ही चेतावनी दी कि मांगों की अनदेखी होने पर बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।
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