विज्ञापन
सहारनपुर में खनन कारोबारियों से रंगदारी वसूलने वाले गैंग का पर्दाफाश, 3 आरोपी गिरफ्तार. ₹30 लाख बरामद, हाजी इकबाल से जुड़े तार सामने आए।

UP News : उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में पुलिस ने खनन कारोबार से जुड़े एक बड़े रंगदारी गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह लंबे समय से क्षेत्र के खनन कारोबारियों को निशाना बनाकर उनसे जबरन वसूली कर रहा था। पुलिस की कार्रवाई में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनके पास से करीब 30 लाख रुपये नकद बरामद हुए हैं। जांच के दौरान इस गिरोह के तार पूर्व बसपा एमएलसी हाजी इकबाल से जुड़े होने की बात सामने आई है, जो फिलहाल दुबई में बताए जा रहे हैं।UP News
पुलिस के मुताबिक, यह संगठित गिरोह खनन से जुड़े व्यापारियों को डराने-धमकाने का काम करता था। आरोपी कारोबारियों को उनके काम में बाधा डालने और प्रशासनिक कार्रवाई करवाने की धमकी देकर मोटी रकम वसूलते थे। कई मामलों में यह भी सामने आया है कि गिरोह जबरन कारोबारियों पर साझेदारी का दबाव बनाता था। डर का माहौल बनाकर उन्हें आर्थिक रूप से कमजोर करना ही इस नेटवर्क का मुख्य तरीका था। UP News
जांच में सामने आया कि गिरोह का एक प्रमुख सदस्य खुद को समाजसेवी बताकर सरकारी तंत्र का दुरुपयोग करता था। ये लोग डीएम कार्यालय, सीएम पोर्टल जैसे प्लेटफॉर्म्स पर अवैध खनन की शिकायतें दर्ज कराकर कारोबारियों पर दबाव बनाया जाता था। साथ ही सोशल मीडिया पर खनन से जुड़े वीडियो पोस्ट कर माहौल तैयार किया जाता था, जिससे व्यापारियों को डराकर उनसे पैसे या हिस्सेदारी ली जा सके। UP News
पुलिस जांच में यह बड़ा खुलासा हुआ है कि गिरोह द्वारा वसूली गई रकम का एक हिस्सा विदेश में बैठे हाजी इकबाल तक पहुंचाया जाता था। हाजी इकबाल पहले बसपा से जुड़े रहे हैं और लंबे समय से विवादों में रहे हैं। फिलहाल वह दुबई में हैं और उनके खिलाफ पहले से भी कई मामले दर्ज बताए जा रहे हैं। इस मामले में उनके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया जा चुका है, जिससे साफ है कि जांच एजेंसियां इस नेटवर्क को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक खंगाल रही हैं। UP News
थाना बेहट पुलिस और सर्विलांस टीम की संयुक्त कार्रवाई में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
* आरोपियों के पास से 30 लाख नकद बरामद
* कई अहम दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य मिले
* सभी आरोपियों पर पहले से भी कई मुकदमे दर्ज।
पुलिस का कहना है कि यह सिर्फ एक हिस्से का खुलासा है, जबकि गिरोह का नेटवर्क काफी बड़ा हो सकता है। फिलहाल फरार आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है। UP News
विज्ञापन