उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से नगर निगम की कर निर्धारण व्यवस्था से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक परिवार को उसकी संपत्ति की वास्तविक कीमत से कई गुना अधिक प्रॉपर्टी टैक्स और वाटर टैक्स का नोटिस भेज दिया गया।

UP News : उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से नगर निगम की कर निर्धारण व्यवस्था से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक परिवार को उसकी संपत्ति की वास्तविक कीमत से कई गुना अधिक प्रॉपर्टी टैक्स और वाटर टैक्स का नोटिस भेज दिया गया। नोटिस में दर्ज रकम देखकर परिवार के होश उड़ गए। मामला सामने आने के बाद नगर निगम की कार्यप्रणाली और जीआईएस (GIS) सर्वे के आधार पर किए जा रहे कर निर्धारण पर सवाल उठने लगे हैं। UP News
जानकारी के अनुसार, सहारनपुर नगर निगम के वार्ड संख्या-2 स्थित रामनगर, मल्हीपुर रोड निवासी समाजवादी पार्टी (सपा) नेता फरहाद गाड़ा के परिवार को नगर निगम की ओर से जीआईएस सर्वे के आधार पर प्रॉपर्टी टैक्स का नोटिस जारी किया गया। परिवार का कहना है कि उनकी करीब 816 वर्ग गज में बनी कोठी का निर्माण लगभग दो वर्ष पहले हुआ था और इसकी मौजूदा बाजार कीमत करीब 4 करोड़ रुपये है। लेकिन नगर निगम की ओर से जारी नोटिस में 22 करोड़ रुपये से अधिक का प्रॉपर्टी टैक्स बकाया दर्शाया गया, जिसे देखकर पूरा परिवार हैरान रह गया। हैरानी की बात यह रही कि प्रॉपर्टी टैक्स के साथ-साथ नोटिस में करीब 12 करोड़ रुपये का जलकर (वाटर टैक्स) भी दर्ज किया गया। परिवार का कहना है कि यह आंकड़ा पूरी तरह अव्यावहारिक है। उनका तर्क है कि किसी सामान्य आवासीय भवन में इतनी बड़ी मात्रा में पानी का उपयोग होना संभव ही नहीं है। इसलिए यह नोटिस वास्तविक तथ्यों से मेल नहीं खाता। UP News
नोटिस मिलने के बाद फरहाद गाड़ा और उनके परिजनों ने नगर निगम अधिकारियों से संपर्क कर आपत्ति दर्ज कराई। परिवार का आरोप है कि डेटा एंट्री या रिकॉर्ड तैयार करने में हुई लापरवाही का खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ रहा है। उनका कहना है कि जीवनभर की कमाई से बनाए गए मकान पर उसकी कीमत से कई गुना अधिक टैक्स थोपना बेहद गंभीर मामला है। यदि समय रहते इस त्रुटि को नहीं सुधारा गया तो वे न्यायालय का रुख करेंगे। मामले पर नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती जांच में यह प्रकरण टाइपिंग या डेटा एंट्री की त्रुटि प्रतीत हो रहा है। अधिकारियों के मुताबिक शिकायत मिलने के बाद संबंधित रिकॉर्ड की जांच शुरू कर दी गई है। यदि जांच में गलती सामने आती है तो उसे तत्काल ठीक कर संशोधित नोटिस जारी किया जाएगा। UP News
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