सहारनपुर की स्टार पेपर मिल में गैस रिसाव और आग की सूचना पर राहत-बचाव टीमें पहुंचीं। हालांकि यह वास्तविक हादसा नहीं बल्कि आपदा प्रबंधन की मॉक ड्रिल थी।

UP News : जिले में शुक्रवार को उस समय हलचल बढ़ गई, जब स्टार पेपर मिल में गैस रिसाव और आग लगने की सूचना पर पुलिस, फायर ब्रिगेड, स्वास्थ्य विभाग, राजस्व, बिजली विभाग, सिविल डिफेंस और एसडीआरएफ की टीमें सक्रिय हो गईं। कुछ ही देर में राहत-बचाव टीमें मौके पर पहुंचीं और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया। हालांकि, स्टार पेपर मिल में वास्तव में कोई गैस रिसाव या आग नहीं लगी थी। यह पूरी कवायद आपदा की स्थिति में प्रशासन और विभिन्न विभागों की तैयारियों को परखने के लिए आयोजित मॉक ड्रिल का हिस्सा थी। उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के निर्देश पर सहारनपुर जिले की पांचों तहसीलों में शुक्रवार को व्यापक मॉक ड्रिल आयोजित की गई।
सदर तहसील में स्टार पेपर मिल को औद्योगिक गैस रिसाव और आगजनी से संबंधित मॉक ड्रिल के लिए चुना गया था। अभ्यास के दौरान गैस रिसाव और आग लगने की काल्पनिक सूचना दी गई। इसके बाद संबंधित विभागों की टीमें मौके पर पहुंचीं और वास्तविक आपदा जैसी स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों का अभ्यास किया। फायर टीम ने आग पर नियंत्रण करने और प्रभावित लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की प्रक्रिया का अभ्यास किया। वहीं स्वास्थ्य विभाग की टीम ने घायलों को प्राथमिक उपचार देने और जरूरत पड़ने पर अस्पताल तक पहुंचाने की व्यवस्था को परखा। मॉक ड्रिल के दौरान विभिन्न विभागों के बीच समन्वय और सूचना के आदान-प्रदान की प्रक्रिया को भी परखा गया। एसडीआरएफ और सिविल डिफेंस की टीमों ने रेस्क्यू ऑपरेशन का अभ्यास किया। स्वास्थ्य विभाग ने संभावित घायलों को प्राथमिक चिकित्सा देने और उन्हें अस्पताल तक पहुंचाने की प्रक्रिया की जांच की। वहीं बिजली विभाग की टीम ने आपात स्थिति में विद्युत आपूर्ति से जुड़े जोखिमों से निपटने की तैयारियों का अभ्यास किया।
प्रशासन की ओर से जिले की पांचों तहसीलों में अलग-अलग आपदा परिदृश्यों के आधार पर मॉक ड्रिल आयोजित की गई। बेहट के जनता इंटर कॉलेज में स्कूल सुरक्षा और भूकंप से बचाव का अभ्यास कराया गया। देवबंद के एचएवी डिग्री कॉलेज में भूकंप की स्थिति में सुरक्षित निकासी और राहत-बचाव की तैयारियां परखी गईं। वहीं नकुड़ के टाबर रोड स्थित सतगुरु इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन एंड टेक्नोलॉजी में ऊंची इमारत में आग लगने की स्थिति में फायर रेस्क्यू और आग पर नियंत्रण का अभ्यास किया गया। प्रशासन द्वारा रामपुर मनिहारान में भी भूकंप सुरक्षा से संबंधित अभ्यास कराया गया।
इस मॉक ड्रिल का उद्देश्य केवल राहत-बचाव का अभ्यास करना ही नहीं, बल्कि आपदा की स्थिति में अलग-अलग विभागों के बीच बेहतर तालमेल सुनिश्चित करना भी था। इसके तहत सूचना मिलने से लेकर टीमों के घटनास्थल पर पहुंचने, लोगों को सुरक्षित निकालने, प्राथमिक उपचार देने और राहत-बचाव अभियान संचालित करने तक की प्रक्रिया को परखा गया।
राज्यस्तरीय इस अभ्यास में भूकंप, गैस रिसाव और आगजनी जैसी आपात स्थितियों से निपटने की तैयारियों की जांच की गई। उत्तर प्रदेश में 18 सितंबर को 34 जिलों की 157 तहसीलों में व्यापक मॉक एक्सरसाइज आयोजित किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। UP News :
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