कवियों के ‘कवि’ साहिर: क्यों आलोचना की कसौटी पर भी खरे उतरते हैं

शब्दों का चुनाव, रूपक-उपमा की पकड़ और लय का अनुशासन साहिर को समकालीनों से अलग खड़ा करता है। इसलिए पुराने-पुराने कवि भी उन्हें “कवि” मानने से नहीं चूकते, उनकी रचनाएँ आलोचना की कसौटी पर अक्सर खरी उतरती दिखाई देती हैं।

साहिर लुधियानवी

साहिर लुधियानवी

locationउत्तर प्रदेश
userAbhijeet Yadav
calendar06 Jan 2026 11:01 AM
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