उत्तर प्रदेश के इटावा स्थित सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी में सेना की वर्दी और पहचान पत्र पहनकर पहुंचे एक व्यक्ति को महिला से झड़प के बाद पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया गया। महिला ने नौकरी दिलाने के नाम पर दो लाख रुपये से अधिक लेने का आरोप लगाया है।

UP News : उत्तर प्रदेश के इटावा स्थित सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी में शनिवार को उस समय हलचल मच गई, जब सेना की वर्दी और पहचान पत्र पहनकर पहुंचे एक व्यक्ति की महिला से झड़प हो गई। मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों और लोगों ने उसे पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। महिला ने आरोप लगाया कि संबंधित व्यक्ति ने नौकरी दिलाने के नाम पर उससे दो लाख रुपये से अधिक की रकम ली है। अब पुलिस इस पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
पकड़े गए व्यक्ति की पहचान मैनपुरी जिले के करहल कोतवाली क्षेत्र के बुजिया गांव निवासी विजय बहादुर सिंह के रूप में बताई गई है। जानकारी के अनुसार, वह सेना की वर्दी और पहचान पत्र पहनकर उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय, सैफई परिसर में पहुंचा था। इसी दौरान एक महिला से उसकी झड़प हो गई, जिसके बाद मामला सामने आया। सोशल मीडिया पर प्रसारित एक वीडियो में महिला और व्यक्ति के बीच बहस और झड़प दिखाई देने का दावा किया जा रहा है। UP News
महिला का आरोप है कि व्यक्ति ने उसे नौकरी दिलाने का भरोसा देकर दो लाख रुपये से अधिक की रकम ली थी। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, मामले में कथित फर्जी दस्तावेजों और नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी की शिकायत सामने आई थी। इसके बाद सुरक्षाकर्मियों ने संदिग्ध को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया। मामले में चर्चा है कि व्यक्ति के पास से दो लाख रुपये से अधिक की नकदी और पांच मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। UP News
विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्रेस नोट जारी कर बताया कि कुलपति प्रो. डॉ. अजय सिंह के निर्देश पर परिसर में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि नौकरी दिलाने के नाम पर रुपये मांगने वाले संदिग्ध व्यक्तियों से सावधान रहें। प्रशासन ने यह भी कहा कि किसी को भी नौकरी के लिए रकम देने से पहले उसकी पहचान, दस्तावेजों और दावों की अच्छी तरह जांच कर लेनी चाहिए। नौकरी दिलाने के नाम पर पैसे मांगने वाले व्यक्तियों के झांसे में आने से आर्थिक नुकसान हो सकता है। UP News
प्रभारी निरीक्षक भूपेंद्र राठी के अनुसार, पकड़े गए व्यक्ति से पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि वह विश्वविद्यालय परिसर में किससे मिलने आया था और उसके पास मौजूद रकम किस उद्देश्य से लाई गई थी। जांच में सेना की वर्दी, पहचान पत्र, कथित दस्तावेजों, नकदी और मोबाइल फोन से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की जाएगी। पुलिस के मुताबिक, साक्ष्यों और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। UP News
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