उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के युवा ताइक्वांडो खिलाड़ी सक्षम ठाकुर ने गुजरात के आनंद में आयोजित राष्ट्रीय प्रतियोगिता में लगातार चार मुकाबले जीतकर स्वर्ण पदक हासिल किया है।

UP News : उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के युवा ताइक्वांडो खिलाड़ी सक्षम ठाकुर ने राष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन कर जिले का नाम रोशन किया है। गुजरात के आनंद में आयोजित राष्ट्रीय ताइक्वांडो प्रतियोगिता में सक्षम ने उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व करते हुए लगातार चार मुकाबले जीतकर स्वर्ण पदक हासिल किया। उनकी इस उपलब्धि के बाद अब उनका चयन दक्षिण कोरिया में होने वाली एशियाई ताइक्वांडो प्रतियोगिता के लिए हुआ है। यहां सक्षम अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करते नजर आएंगे। राष्ट्रीय प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतने के बाद गुरुवार को बांदा लौटे सक्षम का रेलवे स्टेशन पर भव्य स्वागत किया गया। पत्रकारों, समाजसेवियों और खेल प्रेमियों ने उन्हें फूल-मालाएं पहनाकर सम्मानित किया। समर्थकों ने उनकी सफलता पर खुशी जताते हुए आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए शुभकामनाएं दीं। UP News :
सक्षम ठाकुर के लिए राष्ट्रीय प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतना बड़ी उपलब्धि है। लगातार चार मुकाबलों में जीत दर्ज कर उन्होंने अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इस शानदार प्रदर्शन के आधार पर उनका चयन 20 नवंबर से दक्षिण कोरिया के मोजू में आयोजित होने वाली एशियाई ताइक्वांडो प्रतियोगिता के लिए हुआ है। अब सक्षम के सामने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा साबित करने की चुनौती होगी। वह भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए पदक जीतने के लक्ष्य के साथ प्रतियोगिता में उतरेंगे। उनकी इस उपलब्धि से बांदा के खेल प्रेमियों और समर्थकों को उनसे काफी उम्मीदें हैं। UP News :
सक्षम ठाकुर पिछले करीब चार महीने से दिल्ली में रहकर ताइक्वांडो का नियमित प्रशिक्षण ले रहे हैं। राष्ट्रीय प्रतियोगिता तक पहुंचने से पहले उन्होंने कानपुर में आयोजित प्रादेशिक प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन किया था। इसी प्रदर्शन के दम पर उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिला। राष्ट्रीय प्रतियोगिता में लगातार चार मुकाबले जीतकर स्वर्ण पदक हासिल करना उनकी मेहनत, अनुशासन और खेल के प्रति समर्पण को दर्शाता है। इसके अलावा सक्षम उत्तराखंड के रानीखेत में कुमाऊं रेजिमेंट के सेना चयन परीक्षण में भी हिस्सा ले चुके हैं। अपनी उपलब्धि पर सक्षम ने माता-पिता, गुरुजनों और प्रशिक्षकों के प्रति आभार जताया। उन्होंने सेंट जॉर्ज स्कूल के प्रधानाचार्य अल्फ्रेड रस्किन, शिक्षकों और प्रशिक्षकों को अपनी सफलता का श्रेय दिया। सक्षम ने बचपन से ताइक्वांडो का प्रशिक्षण देने वाले गुरु पुष्पेंद्र विश्वकर्मा, चिरंजीवी, सरदार वल्लभभाई पटेल खेल मैदान की प्रशिक्षक कल्पना कवल और दिल्ली की फिटिस्तान ताइक्वांडो अकादमी के प्रशिक्षकों के योगदान को भी महत्वपूर्ण बताया।
राष्ट्रीय प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतने की खबर से सेंट जॉर्ज स्कूल और सरदार वल्लभभाई पटेल खेल मैदान में खुशी का माहौल है। बांदा लौटने पर मिले सम्मान ने सक्षम का उत्साह बढ़ाया है। अब खेल प्रेमियों की निगाहें दक्षिण कोरिया में होने वाली एशियाई प्रतियोगिता पर टिकी हैं, जहां सक्षम देश के लिए बेहतर प्रदर्शन करने की कोशिश करेंगे। बांदा के इस युवा खिलाड़ी की सफलता स्थानीय प्रतिभाओं के लिए प्रेरणा बन सकती है। राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने के बाद अब सक्षम के पास अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का नाम रोशन करने का अवसर है। UP News :
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