समय से पहले उम्मीदवारों की घोषणा करेगी सपा, बदलेगा UP का सियासी गणित?
भारत
चेतना मंच
01 Dec 2025 01:52 AM
समाजवादी पार्टी (सपा) ने 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियां अभी से शुरू कर दी हैं। भले ही चुनाव में अभी करीब दो साल का वक्त बाकी है, लेकिन पार्टी अब किसी भी तरह की ढिलाई के मूड में नहीं है। सूत्रों के मुताबिक, सपा इस बार 2012 की रणनीति को दोहराने की तैयारी में है जब उसने चुनाव से काफी पहले अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी थी और उसे सत्ता भी मिली थी। UP News
समय से पहले टिकट
पार्टी नेतृत्व का मानना है कि अगर उम्मीदवारों की घोषणा समय से पहले कर दी जाए तो उन्हें अपने क्षेत्र में जमीन मजबूत करने और जनता से जुड़ने का ज्यादा समय मिलेगा। यही रणनीति 2012 में सपा के लिए बेहद फायदेमंद साबित हुई थी। सूत्रों का कहना है कि इस बार भी सपा 2026 के अंत तक यानी चुनाव से लगभग एक साल पहले अपने अधिकांश उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर सकती है। बिहार विधानसभा चुनाव के खत्म होते ही इसकी प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है।
इन सामाजिक समूहों को मिलेगी प्राथमिकता
सपा का फोकस इस बार पिछड़े वर्ग, दलित और अल्पसंख्यक समुदाय पर सबसे ज्यादा रहेगा। पार्टी पहले ही संकेत दे चुकी है कि 2027 में उसका एजेंडा सिर्फ सत्ता हासिल करना नहीं बल्कि सामाजिक न्याय को आगे बढ़ाना होगा। पार्टी का मानना है कि ‘सर्वसमाज की भागीदारी’ के बिना कोई भी गठबंधन या रणनीति कारगर नहीं हो सकती। ऐसे में टिकट बंटवारे में जातीय और सामाजिक संतुलन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। UP News
गठबंधन पर मंथन जारी
टिकट वितरण से पहले सपा को एक और बड़ा फैसला करना होगा क्या वह 2027 का चुनाव अकेले लड़ेगी या गठबंधन के साथ? इस सवाल पर पार्टी में गहन चर्चा चल रही है। खासकर कांग्रेस से तालमेल को लेकर बातचीत तेज हो गई है। कई सीटों पर ऐसा देखा गया है कि गठबंधन के बिना उम्मीदवारों के बीच वोट बंट जाते हैं जिससे सत्तारूढ़ दल को फायदा हो सकता है। ऐसे में सपा कोई चूक नहीं करना चाहती।
अखिलेश यादव खुद संभाल रहे हैं कमान
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव खुद इस रणनीति की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। उन्होंने हाल ही में वरिष्ठ नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ कई दौर की बैठकें की हैं। इसके अलावा, पार्टी के विभिन्न संगठन जैसे युवा मोर्चा, महिला मोर्चा और अल्पसंख्यक मोर्चा के नेताओं के साथ भी सीधी बातचीत कर रहे हैं ताकि नीचे से ऊपर तक की रिपोर्ट मिल सके।
2027 के चुनाव भले ही दूर हों, लेकिन सपा ने अभी से ग्राउंड वर्क शुरू कर दिया है। समय से पहले उम्मीदवारों का ऐलान, सामाजिक समीकरणों की बुनियाद और संभावित गठबंधनों की स्पष्टता ये तीनों पहलू इस बार सपा की चुनावी रणनीति की रीढ़ बनने जा रहे हैं। अगर पार्टी इस रणनीति को सही दिशा में आगे बढ़ा पाती है तो 2027 में यूपी की राजनीति में बड़ा उलटफेर मुमकिन है। UP News