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उत्तर प्रदेश के कैराना लोकसभा क्षेत्र की सांसद इकरा हसन बड़ी चर्चा का विषय बन गई हैं। सांसद इकरा हसन का उत्तर प्रदेश पुलिस के ऊपर टिप्पणी करने वाला एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी के साथ वायरल हो रहा है।

UP News : उत्तर प्रदेश के कैराना लोकसभा क्षेत्र की सांसद इकरा हसन बड़ी चर्चा का विषय बन गई हैं। सांसद इकरा हसन का उत्तर प्रदेश पुलिस के ऊपर टिप्पणी करने वाला एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी के साथ वायरल हो रहा है। इस दौरान उनका ‘‘मुझे गोली मार दो” वाला बयान भी बड़ी चर्चा का विषय बन गया है। उत्तर प्रदेश के कैराना से लेकर सहारनपुर तक इस मुद्दे पर जमकर चर्चा हो रही है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर ऐसी क्या स्थिति पैदा हो गई कि सांसद खुद को गोली मारने की बात कर रही हैं। UP News
उत्तर प्रदेश के कैराना लोकसभा क्षेत्र की सांसद इकरा हसन ने गोली मारने की बात हत्या के एक मामले में न्याय मांग रहे परिवार की मदद करने के दौरान कही। आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश के शामली जिले में जसाला नाम का प्रसिद्ध गांव है। इस गाँव को दशाला भी कहा जाता है। इसी दशाला गाँव में मोनू नामक युवक की बेहरमी से हत्या कर दी गई थी। मोनू का परिवार लगातार निष्पक्ष कार्रवाई और इंसाफ की मांग कर रहा था। इसी सिलसिले में मृतक की मां अधिकारियों से मिलने DIG के कार्यालय में सहारनपुर पहुंची थी। उनके साथ सांसद इकरा हसन और कुछ समर्थक भी मौजूद थे। सांसद का आरोप है कि बुजुर्ग महिला अपने बेटे की हत्या के मामले में इंसाफ मांगने पहुंची थी, लेकिन वहां उनकी बात सुनने के बजाय पुलिस ने सख्ती दिखानी शुरू कर दी। कुछ देर बाद हालात ऐसे बने कि पुलिस ने सांसद के समर्थकों को हिरासत में ले लिया। आरोप है कि पांच लोगों को शांति भंग की धाराओं में जेल भेज दिया गया। वहीं इकरा हसन को भी कुछ देर के लिए महिला थाने ले जाया गया, हालांकि बाद में उन्हें छोड़ दिया गया। यहीं से मामला पूरी तरह सियासी टकराव में बदल गया। धरने के दौरान इकरा हसन कई बार भावुक भी नजर आईं। उन्होंने कहा कि जिस माँ का बेटा मारा गया, उसी के परिवार को जेल भेज दिया गया। सांसद ने कहा, हम यहां सिर्फ यह पूछने आए थे कि पीडि़त परिवार का कसूर क्या है? अगर इंसाफ मांगना अपराध है तो हमें भी जेल भेज दो। एक वक्त ऐसा भी आया जब गुस्से में उन्होंने कहा कि हमें इंसाफ चाहिए. गोली मार दो, फांसी पर चढ़ा दो लेकिन हम इंसाफ लेकर रहेंगे। UP News
आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश के कैराना लोकसभा क्षेत्र से सांसद इकरा हसन को जब यह पता चला कि न्याय मांगने गए उनके समर्थकों को जेल भेज दिया गया है, वह सीधे थाने पहुंच गईं। थाने पहुंचते ही उन्होंने अधिकारियों से सवाल पूछने शुरू कर दिए। कुछ ही देर में समर्थकों की भीड़ भी जमा हो गई और फिर सांसद धरने पर बैठ गईं। करीब तीन घंटे तक थाने के अंदर और बाहर भी भीड़ उमड़ती चली गई। करीब तीन घंटे तक चले हंगामे के बाद देर रात सिटी मजिस्ट्रेट थाने पहुंचे। अधिकारियों और सांसद के बीच बातचीत हुई। इसके बाद अधिकारियों ने भरोसा दिया कि जेल भेजे गए समर्थकों की जमानत मंजूर हो गई है और सुबह उन्हें रिहा कर दिया जाएगा। इसी आश्वासन के बाद इकरा हसन ने धरना खत्म करने का ऐलान किया। धरना समाप्त करने के बाद उन्होंने कहा कि उनकी मांग मान ली गई है और अब उनके समर्थक रिहा होंगे। UP News
इस दौरान सांसद इकरा हसन तथा उत्तर प्रदेश पुलिस के बीच हुए विवाद का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। वायरल वीडियो में इकरा हसन पुलिस के रवैये पर भी सवाल उठाती दिखाई देती हैं। वह कहती हैं कि अगर एक सांसद के साथ ऐसा व्यवहार हो सकता है तो आम लोगों के साथ क्या होता होगा। वीडियो में वह कहती सुनाई देती हैं कि इंसान नहीं हैं क्या? वर्दी के अंदर इंसान ही होंगे थोड़ा तरीके से तो होना चाहिए एक माननीय सांसद हैं। इसके बाद वहां मौजूद कुछ लोग उन्हें शांत कराने की कोशिश करते दिखाई देते हैं, लेकिन सांसद लगातार अपनी नाराजगी जाहिर करती रहती हैं। इस दौरान उत्तर प्रदेश पुलिस की सांसद इकरा हसन ने प्रशासन पर तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अगर पीडि़त परिवार की भी नहीं सुनी जाएगी तो फिर जनता आखिर इंसाफ मांगने कहां जाएगी। सांसद ने कहा कि जिस महिला का बेटा मारा गया, वही इंसाफ मांगने पहुंची थी और उसके परिजनों को ही जेल भेज दिया गया। उन्होंने सरकार और कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह पूरी घटना बेहद शर्मनाक है। इकरा हसन ने इस पूरे मामले को सामाजिक एंगल से भी जोडऩे की कोशिश की। उन्होंने कहा कि मृतक परिवार कश्यप समाज से आता है और हमेशा भाजपा को वोट देता रहा है। इसके बावजूद उनके साथ ऐसा व्यवहार किया गया। सांसद ने कहा, वो महिला मुसलमान नहीं थी, कश्यप समाज से थी फिर भी उनके साथ ऐसा हुआ। UP News
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