उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद ने मुस्लिम समाज और उसके नेतृत्व को लेकर विवादित बयान दिया है। उन्होंने कहा, "मुसलमान बनता रहेगा अंधा, बेईमानों का उठाता रहेगा झंडा और खाता रहेगा डंडा।"

UP News : उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद ने उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जनपद में एक बयान देकर सियासी विवाद खड़ा कर दिया है। मुस्लिम समाज और उसके नेतृत्व को लेकर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा, "मुसलमान बनता रहेगा अंधा, बेईमानों का उठाता रहेगा झंडा और खाता रहेगा डंडा।" मंत्री ने आरोप लगाया कि कुछ प्रभावशाली लोग अपने बच्चों को अमेरिका में पढ़ाते हैं, जबकि गरीब मुस्लिम परिवारों के बच्चों को मदरसों तक सीमित रखते हैं। उनके इस बयान को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो सकती है।
धार्मिक स्थलों और विवादित बयानों से जुड़े सवाल पर संजय निषाद ने कहा कि सभी धर्मों के लोगों को पूजा और इबादत करने का अधिकार है, लेकिन विवादित स्थानों पर विवादित बयान देने से बचना चाहिए। उन्होंने धार्मिक नेताओं के बयानों पर रोक लगाने की बात भी कही। मंत्री ने दावा किया कि ऐसे लोगों के बयानों के कारण मुस्लिम समाज की स्थिति प्रभावित हो रही है।
संजय निषाद ने कहा कि प्रभावशाली लोगों के बच्चे विदेशों में पढ़ाई करते हैं, जबकि गरीब मुस्लिम परिवारों के बच्चों को मदरसों में पढ़ाया जाता है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या धर्म में ऐसी कोई व्यवस्था है कि अमीर परिवारों के बच्चे अमेरिका में पढ़ें और गरीब परिवारों के बच्चे ही मदरसों तक सीमित रहें। उन्होंने शिक्षा के अवसरों में समानता की जरूरत पर जोर दिया। UP News :
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कैबिनेट मंत्री ने कहा कि देश अब तुष्टीकरण नहीं, बल्कि संतुष्टीकरण चाहता है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व का उल्लेख करते हुए दावा किया कि जनता मौजूदा सरकार से संतुष्ट है। संजय निषाद ने कहा कि कुछ नेताओं के बयान और उनके सलाहकारों की ओर से दी जाने वाली राजनीतिक सलाह उन्हें सत्ता से दूर कर रही है। उन्होंने अपनी बात रखते हुए मुगलकालीन शासक औरंगजेब तथा भगवान राम और निषादराज के प्रसंग का भी उल्लेख किया। मंत्री ने कहा कि इन प्रसंगों से अलग-अलग तरह की संस्कृति और आदर्शों का संदेश मिलता है।
वोटर लिस्ट से नाम कटने के मुद्दे पर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए संजय निषाद ने कहा कि भाजपा और एनडीए के पास चुनावी संगठन और व्यवस्था है। उन्होंने दावा किया कि जिन लोगों के नाम गलत तरीके से दर्ज हैं, उन्हें हटाने और पात्र लोगों के नाम जोड़ने का काम बूथ स्तर पर किया जाता है। मंत्री ने सवाल उठाया कि बांग्लादेश और पाकिस्तान में रहने वाले लोगों के नाम भारतीय मतदाता सूची में क्यों रहने चाहिए। उन्होंने कहा कि मृत व्यक्ति के नाम पर भी मतदान नहीं होना चाहिए। उनके इस बयान के साथ ही मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक बहस फिर चर्चा में आ गई है। UP News :
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