उत्तर प्रदेश में 2027 का विधानसभा चुनाव किस करवट बैठेगा? क्या इस बार यूपी में मुकाबला पहले से ज्यादा कांटे का होने वाला है ? पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता संजीव बालियान ने आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर ऐसा बयान दिया है, जिसने यूपी की सियासत में नई चर्चा छेड़ दी है।

UP News : उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इसी बीच भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान ने यूपी की सियासत और आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर बड़ा बयान दिया है। ‘यूपी तक’ के साथ बातचीत में संजीव बालियान ने 2027 के चुनाव को कांटे की टक्कर वाला चुनाव बताया और भाजपा की चुनावी रणनीति को लेकर अपनी बात रखी। UP News
पूर्व केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान ने कहा कि वर्ष 2027 का उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव आसान मुकाबला नहीं होगा। उन्होंने इसे कांटे की टक्कर वाला चुनाव बताया। उनके मुताबिक भाजपा के सामने चुनाव में कई राजनीतिक चुनौतियां होंगी और पार्टी को पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरना होगा। बालियान ने कहा कि एक अनुशासित कार्यकर्ता के रूप में उनका मकसद भाजपा को मजबूत देखना है। उन्होंने कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और पार्टी का शीर्ष नेतृत्व पहले ही चुनावी तैयारियों में सक्रिय हो चुका है तथा आने वाले समय में वरिष्ठ नेता भी पूरी ताकत के साथ चुनावी कमान संभालेंगे। UP News
संजीव बालियान ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के वरिष्ठ नेता सुनील बंसल के अनुभव का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं को उत्तर प्रदेश के चप्पे-चप्पे और यहां के राजनीतिक एवं जातीय समीकरणों की गहरी समझ है। बालियान के मुताबिक ऐसी समझ विकसित करने में किसी अन्य व्यक्ति को वर्षों लग सकते हैं। उनके इस बयान को 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों के संदर्भ में देखा जा रहा है। भाजपा की ओर से संगठनात्मक गतिविधियां तेज किए जाने के बीच बालियान की टिप्पणी ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश समेत पूरे प्रदेश की राजनीति में चर्चा बढ़ा दी है। UP News
संजीव बालियान ने ‘यूपी तक’ के पॉडकास्ट में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ अपने संबंधों, पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति, भाजपा नेता संगीत सोम और बुलडोजर मॉडल सहित कई मुद्दों पर भी बात की। मुख्यमंत्री योगी के साथ रिश्तों में आई दूरी के सवाल पर उन्होंने कहा, “कुछ तो मजबूरियां रही होंगी, वरना यूं ही कोई बेवफा नहीं होता।” बालियान ने इसी बातचीत में पश्चिमी उत्तर प्रदेश को अलग राज्य बनाए जाने की मांग पर भी अपनी राय रखी। इस वजह से उनका पूरा इंटरव्यू उत्तर प्रदेश की आगामी राजनीति के लिहाज से चर्चा में है। UP News
संजीव बालियान ने अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि उनका उत्तर प्रदेश की राज्य राजनीति में जाने का कोई इरादा नहीं है और वह केंद्र की राजनीति में ही सहज महसूस करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वह 2027 का उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे। संजीव बालियान का बयान ऐसे समय आया है जब उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियां धीरे-धीरे तेज हो रही हैं। भाजपा जहां लगातार संगठनात्मक गतिविधियों पर जोर दे रही है, वहीं विपक्षी दल भी अपनी रणनीति तैयार कर रहे हैं। ऐसे में बालियान का “कांटे की टक्कर” वाला आकलन और भाजपा की चुनावी कमान में अमित शाह तथा सुनील बंसल के अनुभव पर दिया गया जोर राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण चर्चा का विषय बन गया है। UP News
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