Mirzapur News : संस्कार और संस्कृति का पाठ पढ़ाने वाले के हाथ में तमंचा
भारत
चेतना मंच
29 Jul 2022 07:59 PM
Mirzapur : मिर्जापुर। स्वामी अड़गड़ानंद महाराज के आश्रम में हुए हत्याकांड से कई सवाल उठ रहे हैं। घटना के बाद इस बात की चर्चा आम है कि लोगों को संस्कार और संस्कृति का पाठ पढ़ाने वाले तथाकथित बाबा हत्या जैसी जघन्य वारदात को अंजाम देने के लिए मानसिक रूप से कैसे तैयार हुआ। यह भी सवाल है कि उसके पास तमंचा कहां से आया। अभी इन सवालों की तलाश पुलिस को भी है। बताया जा रहा है कि आशीष और जीवन के बीच वर्चस्व को लेकर पहले से विवाद था।
सक्तेशगढ़ स्थित स्वामी अड़गड़ानंद के परमहंस आश्रम में 45 वर्षीय तथाकथित बाबा जीवन उर्फ जीत ने 30 साल के बाबा आशीष को गोली मारकर घायल कर दिया और खुद को गोली मारकर जान दे दी। घायल आशीष का चंदौली के निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। पुलिस के मुताबिक, चुनार क्षेत्र के आश्रम में गुरुवार की सुबह साढ़े छह बजे स्वामी अड़गड़ानंद महाराज का प्रवचन चल रहा था। उसी दौरान विश्राम कक्ष के पास गोलियां चलने से अफरातफरी मच गई।
चुनार के सीओ रामानंद राय ने बताया कि मौके पर मध्य प्रदेश निवासी जीवन बाबा का शव मिला। उनके सिर में गोली लगी थी। मौके पर पता चला कि जीवन बाबा ने गोली मारकर आत्महत्या की है। मौके से दो तमंचे बरामद हुए। जांच के दौरान पता चला कि एक और व्यक्ति को गोली लगी है। आश्रम की ओर से जयंत बाबा ने चुनार कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि जीवन मानसिक रूप से अस्वस्थ थे। बृहस्पतिवार की सुबह वह दोनों हाथों में तमंचा लहराते हुए प्रवेश द्वार से अंदर गए और आशीष बाबा को गोली मारकर घायल कर दिया। उसके बाद खुद को भी गोली मार ली, इससे उनकी मौत हो गई।
पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार मिश्रा ने बताया कि आश्रम के लोगों और स्वामी अड़गड़ानंद से बात की गई है। छानबीन में पता चला कि जीवन और आशीष में पहले से विवाद था। सुबह आश्रम में जीवन दो तमंचे लेकर आया। प्रवचन कक्ष के बाहर उसने आशीष को गोली मारी। इसके बाद अंदर जाते समय चढ़ावा दिया और खुद को भी गोली मार ली। यह घटना सीसीटीवी में कैद है।