दिल्ली के सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे में जान गंवाने वाले चंदौली के अभिषेक कुमार का वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर अंतिम संस्कार हुआ। पिता ने मुखाग्नि दी और निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।

UP News: दिल्ली के सत्य निकेतन में हुए बिल्डिंग हादसे में जान गंवाने वाले उत्तर प्रदेश के चंदौली (Chandauli) निवासी अभिषेक कुमार का मंगलवार को वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। पिता संतोष कुमार खरवार ने बेटे को मुखाग्नि दी। अंतिम विदाई के दौरान परिवार के सदस्यों और गांव के लोगों की आंखें नम रहीं। बेटे की चिता को मुखाग्नि देते समय पिता भावुक होकर रो पड़े। परिजनों ने उन्हें किसी तरह संभाला।
अभिषेक कुमार चंदौली जिले का रहने वाला था और बीकॉम द्वितीय वर्ष की पढ़ाई कर रहा था। परिवार के मुताबिक, वह पिछले साल पढ़ाई के लिए दिल्ली गया था और सत्य निकेतन स्थित एक बिल्डिंग में किराये पर रह रहा था। हादसे के समय अभिषेक बिल्डिंग के अंदर ही मौजूद था। सत्य निकेतन में हुए इस हादसे में कुल सात लोगों की मौत हुई थी, जिनमें पांच छात्र बताए गए हैं। अभिषेक की मौत की खबर मिलने के बाद चंदौली स्थित उसके गांव में मातम पसरा हुआ है।
अभिषेक के पिता संतोष कुमार ने बताया कि उनका बेटा पढ़ाई में काफी होनहार था। वह आगे एमबीए करना चाहता था और अपने भविष्य को बेहतर बनाने के लिए दिल्ली में रहकर पढ़ाई कर रहा था। परिवार का कहना है कि अभिषेक अपने सपनों को पूरा करने और परिवार की बेहतर जिंदगी के लिए मेहनत कर रहा था, लेकिन हादसे ने अचानक परिवार का सहारा छीन लिया।
संतोष कुमार ने बताया कि पांच सितंबर को उनकी फोन पर अभिषेक से बातचीत हुई थी। इसी दौरान उन्होंने बेटे की हॉस्टल फीस भी जमा की थी। छह सितंबर को जब अभिषेक से फोन पर संपर्क नहीं हो सका तो परिवार की चिंता बढ़ने लगी। बाद में सत्य निकेतन हादसे की जानकारी मिलने के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। जिस बेटे से भविष्य को लेकर उम्मीदें थीं, उसकी मौत की खबर ने पूरे परिवार को झकझोर दिया। UP News:
अभिषेक की मौत के बाद उसके गांव में भी शोक का माहौल है। बेटे को खोने के बाद उसकी मां का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों के मुताबिक, वह इतनी सदमे में हैं कि बोलने की स्थिति में भी नहीं हैं। परिवार के अन्य सदस्य और रिश्तेदार भी गमगीन हैं।
अभिषेक के पिता ने हादसे के लिए बिल्डिंग मालिक को जिम्मेदार ठहराते हुए कई सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि अगर बिल्डिंग में मरम्मत का काम चल रहा था तो वहां रह रहे छात्रों को दूसरी जगह क्यों नहीं भेजा गया। उन्होंने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।
मंगलवार को वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर अभिषेक का अंतिम संस्कार किया गया। पिता संतोष कुमार ने बेटे को मुखाग्नि दी। इस दौरान घाट पर मौजूद परिजन और ग्रामीण भावुक हो गए। परिवार ने हादसे की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी और परिवार को ऐसी त्रासदी का सामना न करना पड़े।UP News:
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