दो मतदाताओं के फॉर्म स्कैन किए, तो सामने आया कि एक ही व्यक्ति का नाम 36 जगहों पर दर्ज है। उनके पड़ोसी गोपाल के नाम से 33 वोट विभिन्न जनपदों में मिले। यह संख्या सिर्फ दो लोगों की नहीं, बल्कि सैकड़ों मतदाताओं के नाम पर फर्जी वोट होने की आशंका जताई जा रही है।

उत्तर प्रदेश के मेरठ जिला में जब एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) के दौरान बीएलओ ने दो मतदाताओं के फॉर्म स्कैन किए, तो सामने आया कि एक ही व्यक्ति का नाम 36 जगहों पर दर्ज है। उनके पड़ोसी गोपाल के नाम से 33 वोट विभिन्न जनपदों में मिले। यह संख्या सिर्फ दो लोगों की नहीं, बल्कि सैकड़ों मतदाताओं के नाम पर फर्जी वोट होने की आशंका जताई जा रही है।
उत्तर प्रदेश के मेरठ के जागृति विहार सेक्टर-8 में जब दोनों मतदाताओं ने अपना फॉर्म डिजिटल एंट्री के लिए दिया, तो बारकोड स्कैन करते ही खुलासा हो गया। बीएलओ ने तुरंत अधिकारियों को इसकी सूचना दी, जिससे पूरे बूथ पर खलबली मच गई। दोनों मतदाताओं के जो फर्जी वोट मिले, उनमें फोटो, नाम और पिता का नाम एक ही था, जबकि पता अलग-अलग जिलों का था। कई जगह उम्र भी अलग दिखाई गई। इससे साफ है कि एक ही पहचान का इस्तेमाल करके कई जिलों में वोट तैयार किए गए।
शंका है कि सिमकार्ड, बैंकिंग या किसी सामान्य कार्य में दी गई आधार कार्ड की फोटोकॉपी का दुरुपयोग किया गया। यह मामला सामने आते ही लोग अपने-अपने फॉर्म पर बने बारकोड को स्कैन कराने स्कूल पहुँच गए, जिससे बूथ पर भारी भीड़ लग गई। बीएलओ निशा शर्मा ने दोनों मतदाताओं को समझाया और बताया कि फॉर्म डिजिटल करने की सरकार की प्रक्रिया है, लेकिन दोनों ने बात को तूल दिया। हालांकि मामला गंभीर होने पर उन्होंने तुरंत उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट भेज दी।
अमीनाबाद उर्फ बड़ा गांव में एक महिला बीएलओ सविता पर फॉर्म वेरिफिकेशन के दौरान गांव के ही ललित उर्फ राजू ने अभद्रता की और डंडे से हमला कर दिया। आरोपी को पुलिस ने तुरंत गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने पूर्व में भी बीएलओ के खिलाफ शिकायत की थी। बुधवार को जब बीएलओ उनके घर गईं और एसआईआर फॉर्म भरने को कहा, तो कहासुनी के बाद हमला हुआ। पुलिस का कहना है कि मामले में पूरी जांच के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जिले में कुल 27 लाख मतदाता हैं, लेकिन 16 दिनों में सिर्फ 1.13 लाख गणना प्रपत्र जमा हुए। 2758 बीएलओ तैनात होने के बाद भी मतदाता स्वयं फॉर्म नहीं भर रहे। इस वजह से एसआईआर अभियान निर्धारित समय सीमा में पूरी होना चुनौती बना हुआ है।
डीएम डॉ. वीके सिंह ने चेतावनी दी है कि जिन लोगों को गणना प्रपत्र मिल चुका है, वे 3 दिन में बीएलओ को फॉर्म जमा नहीं करेंगे तो नई वोटर लिस्ट में उनका नाम शामिल नहीं किया जाएगा।
यदि किसी व्यक्ति का नाम कई जगह दर्ज है तो वह केवल एक ही फॉर्म जमा करेगा अन्यथा उस पर रिपोर्ट दर्ज कर एक साल तक की सजा भी हो सकती है।।