बांदा जेल से रिहाई के तुरंत बाद रवि काना का कोई सुराग नहीं लग पाया है, जबकि उसके खिलाफ गौतम बुद्ध नगर की अदालत से पहले ही बी-वारंट जारी किया जा चुका था। इस मामले को गंभीर मानते हुए नोएडा पुलिस अलर्ट मोड पर आ गई है।

UP News : पश्चिमी उत्तर प्रदेश में स्क्रैप कारोबार से जुड़े कुख्यात अपराधी रवि काना उर्फ रवि नागर के अचानक लापता हो जाने से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। बांदा जेल से रिहाई के तुरंत बाद रवि काना का कोई सुराग नहीं लग पाया है, जबकि उसके खिलाफ गौतम बुद्ध नगर की अदालत से पहले ही बी-वारंट जारी किया जा चुका था। इस मामले को गंभीर मानते हुए नोएडा पुलिस अलर्ट मोड पर आ गई है। रवि काना की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की पांच विशेष टीमें गठित की गई हैं, जो उत्तर प्रदेश के 15 अलग-अलग जिलों में लगातार दबिश दे रही हैं। इसके साथ ही पश्चिमी यूपी के संवेदनशील इलाकों और नेपाल सीमा पर निगरानी बढ़ा दी गई है।
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि जिस आरोपी को अदालत में पेश किया जाना था, उसे बिना किसी न्यायिक आदेश के जेल से रिहा कर दिया गया। इस लापरवाही पर कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। मामले के तूल पकड़ने के बाद बांदा जेल अधीक्षक को निलंबित कर दिया गया है और उनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश जारी किए गए हैं।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, रवि काना एक संगठित अपराध गिरोह का मुखिया है, जिसका गैंग नंबर डी-190 है। उसके साथ करीब 18 सक्रिय सदस्य जुड़े हुए हैं। इस गिरोह पर गौतम बुद्ध नगर, दिल्ली-एनसीआर और आसपास के जिलों में हत्या, लूट, रंगदारी और धोखाधड़ी जैसे गंभीर अपराध दर्ज हैं। जांच में सामने आया है कि यह गैंग सरिया और स्क्रैप के अवैध कारोबार को नियंत्रित करता था। बड़े औद्योगिक प्रतिष्ठानों पर दबाव डालकर स्क्रैप के टेंडर किसी और को नहीं लेने दिए जाते थे, जिससे कंपनियां मजबूरी में इसी गिरोह को स्क्रैप बेचती थीं।
रवि काना और उसके परिजनों के नाम पर कई कंपनियां दर्ज हैं और उसके पास करोड़ों रुपये की अवैध संपत्ति होने के सबूत मिले हैं। पहले की गई पुलिस कार्रवाई में उसके दर्जनों वाहन, बैंक खातों में जमा रकम और औद्योगिक भूखंड जब्त किए जा चुके हैं। इसके बावजूद गिरोह के अन्य सदस्य अब भी आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं।
यह पहला मौका नहीं है जब रवि काना फरार हुआ हो। वर्ष 2024 में अग्रिम जमानत की शर्तों का उल्लंघन करते हुए वह पासपोर्ट जमा किए बिना विदेश भाग गया था। बाद में उसे दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से गिरफ्तार किया गया था। उस समय उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी किया गया था।
रवि काना के दोबारा लापता होने पर अदालत ने उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी करते हुए पुलिस को तत्काल गिरफ्तारी के आदेश दिए हैं। पुलिस अब सर्विलांस सिस्टम और मुखबिर तंत्र की मदद से उसकी लोकेशन ट्रेस करने में जुटी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि रवि काना को किसी भी सूरत में जल्द गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया जाएगा।