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उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले की गौरीगंज विधानसभा सीट से चार बार विधायक रहे भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता, लोकतंत्र सेनानी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से लंबे समय तक जुड़े रहे दादा तेजभान सिंह का शनिवार को लखनऊ स्थित मैक्स अस्पताल में 83 वर्ष की आयु में निधन हो गया।

UP News : उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले की गौरीगंज विधानसभा सीट से चार बार विधायक रहे भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता, लोकतंत्र सेनानी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से लंबे समय तक जुड़े रहे दादा तेजभान सिंह का शनिवार को लखनऊ स्थित मैक्स अस्पताल में 83 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वे लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे। उनके निधन की खबर से अमेठी सहित पूरे प्रदेश के राजनीतिक और सामाजिक हलकों में शोक की लहर दौड़ गई। विभिन्न दलों के नेताओं, सामाजिक संगठनों और कार्यकर्ताओं ने उनके निधन को अपूरणीय क्षति बताया है। UP News
अमेठी के जामो विकासखंड के अचलपुर गांव निवासी तेजभान सिंह ने अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक के रूप में की थी। आपातकाल के दौर में लोकतंत्र की रक्षा के आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाने के कारण उन्हें करीब आठ महीने तक जेल में रहना पड़ा। इसी संघर्ष के चलते वे ‘लोकतंत्र सेनानी’ के रूप में भी सम्मानित रहे और आजीवन जनसेवा को ही अपना उद्देश्य मानते रहे। UP News
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तेजभान सिंह पहली बार वर्ष 1977 में जनता पार्टी के टिकट पर गौरीगंज विधानसभा सीट से विधायक चुने गए। इसके बाद उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार के रूप में 1991, 1993 और 1996 में लगातार तीन बार जीत दर्ज कर क्षेत्रीय राजनीति में अपनी मजबूत पकड़ साबित की। अमेठी में भाजपा संगठन को मजबूत करने में भी उनकी भूमिका बेहद अहम मानी जाती रही है। उन्हें पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के करीबी नेताओं में भी गिना जाता था। अपने लंबे राजनीतिक जीवन में दादा तेजभान सिंह सादगी, स्पष्टवादिता और निर्भीक शैली के लिए पहचाने जाते थे। वे जनसमस्याओं को मजबूती से उठाने वाले नेताओं में शामिल थे, जिसके चलते गौरीगंज क्षेत्र में उनकी पहचान एक जुझारू और प्रभावशाली जनप्रतिनिधि के रूप में रही। आजीवन अविवाहित रहे तेजभान सिंह को क्षेत्र की जनता स्नेहपूर्वक “दादा” कहकर पुकारती थी। UP News
पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि अमेठी ने एक सच्चा जननेता खो दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि वर्ष 2014 में अमेठी लोकसभा चुनाव के दौरान दादा तेजभान सिंह हर कदम पर एक अभिभावक की तरह उनके साथ खड़े रहे। उनका मार्गदर्शन और स्नेह उनके लिए हमेशा प्रेरणास्रोत रहा। स्मृति ईरानी ने कहा कि अमेठी की धरती पर उनके जैसा समर्पित और अनुभवी मार्गदर्शक मिलना उनके लिए सौभाग्य की बात रही। UP News
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