पुलिस ने आरोपी पर यौन शोषण, धमकी और अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। चौक क्षेत्र के एसीपी राजकुमार सिंह ने बताया कि आरोपी फिलहाल फरार है। उसकी तलाश में पुलिस की कई टीमें लगाई गई हैं और जल्द गिरफ्तारी की बात कही जा रही है।

UP News : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) में कार्यरत एक रेजिडेंट डॉक्टर पर महिला डॉक्टर से धोखाधड़ी, यौन उत्पीड़न और जबरन धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने के गंभीर आरोप लगे हैं। पीड़िता की तहरीर पर चौक थाना पुलिस ने रेजिडेंट डॉक्टर रमीज मलिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस ने आरोपी पर यौन शोषण, धमकी और अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। चौक क्षेत्र के एसीपी राजकुमार सिंह ने बताया कि आरोपी फिलहाल फरार है। उसकी तलाश में पुलिस की कई टीमें लगाई गई हैं और जल्द गिरफ्तारी की बात कही जा रही है।
पीड़ित महिला, जो स्वयं मेडिकल क्षेत्र से जुड़ी है, ने अपनी शिकायत में बताया कि वह लखनऊ में किराये के मकान में रहती है। कुछ समय पहले उसकी मुलाकात रमीज मलिक से हुई थी। बातचीत के दौरान आरोपी ने खुद को उत्तराखंड के खटीमा में रहने वाला और सहारनपुर का मूल निवासी बताया। धीरे-धीरे दोनों के बीच दोस्ती बढ़ी, जिसे आरोपी ने शादी का वादा कर रिश्ते में बदल दिया। महिला का आरोप है कि आरोपी ने भविष्य में विवाह का भरोसा दिलाकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। अगस्त महीने में आरोपी उसके कमरे पर आया और शादी की बात कहकर उसके साथ संबंध बनाए। इसके बाद वह बार-बार मिलने आने लगा।
पीड़िता के अनुसार, आरोपी न केवल उसके किराये के कमरे पर आता था, बल्कि उसे ठाकुरगंज स्थित अपने किराये के मकान पर भी ले गया, जहाँ उसने दोबारा संबंध बनाए। महिला ने बताया कि वह आरोपी की बातों पर इसलिए भरोसा करती रही क्योंकि उसे शादी का आश्वासन दिया गया था। सितंबर महीने में जब महिला ने आरोपी को बताया कि वह गर्भवती है, तो उसका रवैया पूरी तरह बदल गया। आरोपी ने बच्चे को स्वीकार करने से इनकार किया और दवाइयों के जरिए उसका गर्भपात करा दिया। इस घटना ने पीड़िता को मानसिक रूप से गहरा आघात पहुंचाया।
एफआईआर के अनुसार, इसी दौरान पीड़िता की मुलाकात ठाकुरगंज इलाके में एक युवती से हुई। बातचीत के दौरान उस युवती ने खुद को रमीज मलिक की पत्नी बताया। उसने यह भी दावा किया कि रमीज ने धर्म परिवर्तन कर फरवरी 2025 में उससे निकाह किया है। इस खुलासे से पीड़िता स्तब्ध रह गई। जब पीड़िता ने इस बारे में आरोपी से सवाल किया, तो उसने शादी से साफ इनकार करते हुए कहा कि वह उसी से विवाह करेगा और पहले की बातों को झूठा करार दिया।
पीड़िता का आरोप है कि अक्टूबर महीने में जब उसने शादी को लेकर गंभीर बातचीत की, तो आरोपी ने उस पर धर्म बदलने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। महिला ने जब इसका विरोध किया और दूरी बनाने की कोशिश की, तो आरोपी ने कथित तौर पर उसे धमकाना शुरू कर दिया। आरोपी ने उसके निजी फोटो और वीडियो सार्वजनिक करने की धमकी दी और कहा कि यदि ये सामग्री वायरल हुई तो उसका भविष्य बर्बाद हो जाएगा और उसकी शादी कहीं नहीं हो पाएगी। आरोपी ने धर्म परिवर्तन को लेकर उसे आखिरी मौका तक दे डाला।
लगातार धमकियों, धोखे और मानसिक उत्पीड़न से परेशान होकर पीड़िता गहरे तनाव में चली गई। 17 दिसंबर की सुबह उसने आत्महत्या के इरादे से दवाओं की अधिक मात्रा ले ली। हालत गंभीर होने पर उसे तत्काल ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया, जहाँ इलाज के बाद उसकी जान बच सकी। इसके बाद पीड़िता ने फोन पर अपने पिता को पूरे मामले की जानकारी दी और 19 दिसंबर को केजीएमयू प्रशासन को लिखित शिकायत सौंपकर न्याय की गुहार लगाई। पुलिस का कहना है कि मामला बेहद संवेदनशील और गंभीर है। सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।