Shahjahanpur News : यूपी के इस गांव में है शहरों से अधिक सुविधाएं, दूसरों के लिए बना नजीर
This village of UP has more facilities than cities, an example for others
भारत
चेतना मंच
29 Nov 2025 01:41 PM
शाहजहांपुर (उप्र)। साफ सड़कें, चारों ओर हरियाली, सीसीटीवी कैमरे और बुजुर्गों के लिए खुले स्थानों के साथ भटपुरा गांव, सिर्फ शाहजहांपुर जिले ही नहीं, बल्कि समूचे उत्तर प्रदेश में नजीर बन गया है। यह दूसरे गांवों को आधुनिक गांव बनने के लिए प्रेरित कर सकता है।
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गांव के चारो तरफ हैं 4 लाख पेड़
करीब पांच हजार की आबादी वाला यह गांव पश्चिमी उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले के सिंधौली प्रखंड के तहत आता है। गांव के प्रधान अनिल कुमार गुप्ता ने बताया कि गांव में चार सफाईकर्मी हैं, जो यहां की सड़कें साफ सुथरी रखने के लिए दिन रात सफाई करते हैं। हमारे गांव में अगर कोई बाहर का व्यक्ति कुछ खाकर छिलका आदि फेंक देता है तो उस रास्ते से गांव का जो भी व्यक्ति गुजरता है, वह उस कूड़े को उठाकर गांव में जगह-जगह रखे गए कूड़ादान में डाल देता है। अपने गांव को विदेशी तर्ज पर विकसित करने के लिए उन्होंने ग्रामीणों को प्रेरित किया और गांव के चारों तरफ चार लाख पॉपलर के पेड़ एवं पांच हजार फलदार एवं औषधीय पेड़ गांव के अंदर लगाए गए हैं।
गांव में हैं 26 तालाब और परिंदों का आशियाना
उन्होंने कहा कि इसके अलावा, वर्षा जल संचित करने के लिए गांव से बाहर और गांव के भीतर 26 तालाब भी बनवाए गए हैं। पारिस्थिकीय संतुलन बनाए रखने के लिए गांव में सैकड़ों कृत्रिम घोंसले भी हैं। पूरे गांव में लगे ये घोंसले पक्षियों को आशियाना देते हैं, जिससे गांव में चिड़ियों की चहचहाहट बनी रहती है। गुप्ता ने बताया कि उनका पूरा गांव 20 सीसीटीवी कैमरों से लैस है। हर नुक्कड़ पर कैमरे लगाए गए हैं, जिससे इस गांव में लड़ाई झगड़ा, चोरी डकैती, हत्या जैसी वारदात बहुत समय से नहीं हुई है और अपराध ना के बराबर है।
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सीएम ने दिया 11 लाख का पुरस्कार
जिले के मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) श्याम बहादुर सिंह ने कहा कि उन्होंने भटपुरा गांव का निरीक्षण किया है। ग्राम प्रधान ने जो कार्य किया है, उसके लिए ग्राम पंचायत को लखनऊ में मुख्यमंत्री द्वारा 11 लाख रुपये का पुरस्कार दिया गया है। उन्होंने बताया कि गांव में कई विकास कार्य हुए हैं। यहां गौशाला भी बनी है, जिनमें गायों के लिए सभी सुविधाएं मौजूद हैं। शिक्षा के लिए दो सरकारी और कई निजी विद्यालय हैं। सबसे खास बात यह है कि इस गांव में बुजुर्गों के बैठने के लिए जमुना वाटिका बनी है। 70 प्रतिशत से अधिक मुस्लिम आबादी वाला यह गांव हिंदू-मुस्लिम एकता और सौहार्द की एक मिसाल है।
गांव वालों ने शराब से कर ली तौबा
अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) त्रिभुवन ने कहा कि जिले के अन्य प्रधानों को भी इस गांव का दौरा करना चाहिए और उन्हें भी अपने गांवों में यह व्यवस्था लागू करनी चाहिए। इस गांव में जमीन संबंधी विवाद भी उनके पास ना के बराबर आते हैं। पुलिस अधीक्षक एस. आनंद ने बताया कि थाना सिधौली के अंतर्गत आने वाले इस गांव में एक समिति बनी हुई है, जो छोटे-मोटे विवाद का वहीं निपटारा कर देती है। उन्होंने कहा कि गांव में अपराध ना के बराबर है। यहां के निवासियों ने शराब से भी तौबा कर ली है।