उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर से सामने आई इस सनसनीखेज वारदात ने हर किसी को हैरान कर दिया है। आखिर मंदिर के अंदर रात में ऐसा क्या हुआ था, जिसकी भनक किसी को नहीं लगी ? दो साधुओं की हत्या के पीछे असली वजह क्या थी और हत्या के बाद शवों को मंदिर में ही जलाने के पीछे आखिर क्या मकसद था ?

UP News : उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले से गुरुवार (1अक्टूबर 2026) सुबह दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। खुदागंज थाना क्षेत्र के सूथा गांव स्थित शिव मंदिर में दो साधुओं की हत्या कर दी गई। हत्या के बाद आरोपियों ने दोनों शवों को मंदिर परिसर में ही जलाने की कोशिश की। सुबह मंदिर से धुआं उठता देखकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे तो एक शव जल रहा था, जबकि दूसरा शव पूरी तरह जल चुका था। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। मृतकों की पहचान बाबा गोपाल दास और बाबा बिहारी दास के रूप में हुई है। दोनों मंदिर में रहकर पूजा-पाठ और सेवा करते थे। बताया जा रहा है कि दोनों शव एक-दूसरे से करीब 10 मीटर की दूरी पर पड़े मिले। इस दोहरे हत्याकांड के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। UP News
गुरुवार सुबह करीब 7 बजे ग्रामीणों ने मंदिर की तरफ से धुआं उठता देखा। इसके बाद लोग मौके पर पहुंचे तो वहां का दृश्य देखकर उनके होश उड़ गए। मंदिर परिसर में एक साधु का शव जल रहा था, जबकि दूसरे शव के अवशेष ही बचे थे। ग्रामीणों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों शवों को कब्जे में लिया और घटना की जांच शुरू कर दी। फिलहाल हत्या की वजह और वारदात में शामिल लोगों को लेकर जांच जारी है। UP News
ग्रामीणों के अनुसार करीब 70 वर्षीय गोपाल दास लंबे समय से मंदिर में रह रहे थे। बताया गया है कि वह कथावाचक भी थे और लगभग 20 वर्षों से मंदिर की देखरेख कर रहे थे।
परिजनों के मुताबिक उनकी पत्नी की करीब 25 वर्ष पहले मौत हो गई थी। इसके बाद उन्होंने घर छोड़ दिया और मंदिर में रहने लगे। कुछ दिन पहले वह अपने परिवार से मिलने भी गए थे। परिजनों के अनुसार उन्होंने गया जाने की इच्छा जताई थी, लेकिन रास्ते में चोट लगने के बाद वापस लौट आए थे। दूसरे साधु बाबा बिहारी दास की उम्र करीब 60 वर्ष बताई जा रही है। ग्रामीणों के अनुसार वह करीब एक महीने पहले गोपाल दास के शिष्य बने थे और इसके बाद दोनों इसी शिव मंदिर में रहने लगे थे। घटना के बाद ग्रामीणों ने मंदिर की जमीन को लेकर विवाद की बात कही है। कुछ ग्रामीणों का आरोप है कि गांव का रहने वाला सुमित साधुओं को मंदिर से हटाना चाहता था और मंदिर के आसपास की जमीन पर कब्जा करने की कोशिश कर रहा था। ग्रामीणों के अनुसार सुमित करीब एक महीने पहले जेल से बाहर आया था। उस पर पहले भी आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने के आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और पुलिस की जांच में ही तस्वीर स्पष्ट होगी। जमीन विवाद को लेकर पुलिस भी अलग-अलग पहलुओं की जांच कर रही है। UP News
वारदात की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। पुलिस ने एक संदिग्ध युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। समाचार एजेंसी भाषा के अनुसार, शुरुआती जानकारी में दोनों साधुओं पर किसी भारी वस्तु से हमला किए जाने और बाद में ज्वलनशील पदार्थ डालकर शवों को जलाए जाने की बात सामने आई है। पुलिस अब हत्या के पीछे की वजह, वारदात में शामिल अन्य लोगों और घटनास्थल पर मौजूद साक्ष्यों की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद हत्या की परिस्थितियों को लेकर स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है। UP News
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