उत्तर प्रदेश के संतकबीरनगर निवासी शमशुल हुदा खान से जुड़े मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने 53.46 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की है। ED के अनुसार, खलीलाबाद में शमशुल हुदा खान के नाम दर्ज 180 वर्ग मीटर के भूखंड को मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत कार्रवाई के दायरे में लिया गया है।

UP News : उत्तर प्रदेश के संतकबीरनगर निवासी शमशुल हुदा खान के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। ED ने मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए शमशुल हुदा खान की 53.46 लाख रुपये की संपत्ति जब्त कर ली है। जब्त की गई संपत्ति संतकबीरनगर के खलीलाबाद में शमशुल के नाम पंजीकृत 180 वर्ग मीटर का भूखंड है।
ईडी की कार्रवाई उस मामले से जुड़ी है, जिसमें शमशुल हुदा खान पर कथित तौर पर ब्रिटिश नागरिकता हासिल करने के बाद इस तथ्य को छिपाकर खुद को भारतीय नागरिक बताने और भारतीय दस्तावेजों का इस्तेमाल करने का आरोप है। इसी आधार पर उसके खिलाफ यूपी ATS की FIR के आधार पर ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया था। UP News
उत्तर प्रदेश के संतकबीरनगर निवासी शमशुल हुदा खान ने 19 दिसंबर 2013 को ब्रिटिश नागरिकता हासिल की थी। ED के अनुसार, इसके बाद भी उसने अपनी विदेशी नागरिकता की जानकारी छिपाई और खुद को भारतीय नागरिक के तौर पर प्रस्तुत किया। फिर उसने भारतीय दस्तावेजों का इस्तेमाल करते हुए संतकबीरनगर में अचल संपत्तियां खरीदीं। इसी संपत्ति में खलीलाबाद स्थित 180 वर्ग मीटर का भूखंड भी शामिल है, जिसकी कीमत ईडी ने 53.46 लाख रुपये आंकी है। UP News
ED के अनुसार, ब्रिटिश नागरिकता हासिल करने के बावजूद भारतीय नागरिक होने का दावा करने और भारतीय दस्तावेजों के इस्तेमाल से संबंधित तथ्यों की जांच की गई। एजेंसी ने इसी कथित प्रक्रिया से अर्जित या उससे जुड़ी संपत्तियों को मनी लॉन्ड्रिंग जांच के दायरे में लिया। ED की कार्रवाई के बाद अब जब्त भूखंड पर कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी। UP News
जांच में यह भी सामने आया कि शमशुल हुदा खान आजमगढ़ के मुबारकपुर स्थित एक सरकारी सहायता प्राप्त मदरसे में सहायक शिक्षक के रूप में कार्यरत था। ED की जांच के मुताबिक ब्रिटिश नागरिकता हासिल करने के बाद भी उसने मदरसे की नौकरी जारी रखी। एजेंसी ने उसकी सेवा से जुड़े रिकॉर्ड और नागरिकता संबंधी दस्तावेजों की भी पड़ताल की। UP News
मामले में एक अहम तथ्य यह भी सामने आया है कि शमशुल हुदा खान की सेवा का 2007 से 2017 के बीच कभी सत्यापन नहीं हुआ था। जांच एजेंसी अब सेवा रिकॉर्ड और नागरिकता की स्थिति से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच कर रही है। ब्रिटिश नागरिकता प्राप्त करने की तारीख और मदरसे में उसकी सेवा जारी रहने के बीच की परिस्थितियां भी जांच का हिस्सा हैं। UP News
शमशुल हुदा खान के खिलाफ यह मामला सीधे ED की ओर से शुरू नहीं हुआ। बताया गया है कि यूपी ATS द्वारा दर्ज FIR के आधार पर ED ने मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया था। इसके बाद ED ने अपराध से जुड़े धन और संपत्तियों की जांच शुरू की। जांच के दौरान खलीलाबाद में शमशुल के नाम दर्ज भूखंड सामने आया, जिसे अब ED ने जब्त कर लिया है। UP News
ईडी के मुताबिक जब्त की गई संपत्ति 180 वर्ग मीटर का भूखंड है। इसकी कीमत 53.46 लाख रुपये बताई गई है। एजेंसी ने मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के प्रावधानों के तहत इस संपत्ति को जब्त करने की कार्रवाई की है। ईडी की कार्रवाई से अब इस मामले में नागरिकता, सरकारी सहायता प्राप्त मदरसे में नौकरी और संपत्ति खरीद से जुड़े पहलुओं की जांच और महत्वपूर्ण हो गई है। UP News
पूरे मामले में ED का फोकस इस बात पर है कि ब्रिटिश नागरिकता हासिल करने के बाद शमशुल हुदा खान ने तौर पर अपनी नागरिकता संबंधी जानकारी क्यों और किस तरह छिपाई तथा भारतीय दस्तावेजों का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया। साथ ही एजेंसी यह भी देख रही है कि भारतीय दस्तावेजों के आधार पर खरीदी गई संपत्तियों और कथित मनी लॉन्ड्रिंग के बीच क्या संबंध है। UP News
ED की ओर से की गई संपत्ति जब्ती फिलहाल जांच की कार्रवाई का हिस्सा है। मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया और जांच के आधार पर आरोपों की स्थिति स्पष्ट होगी। किसी व्यक्ति पर लगे आरोप न्यायिक प्रक्रिया में सिद्ध होने तक आरोप ही माने जाते हैं। UP News
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