चोटीपोरा गांव में एक ऐसे व्यक्ति ने अपने घर पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया, जिनका बेटा सुरक्षा एजेंसियों की सूची में ए++ श्रेणी का सक्रिय आतंकवादी बताया जाता है। जानकारी के अनुसार, संबंधित व्यक्ति आबिद रमजान शेख का पिता है, जो 26 जनवरी के अवसर पर पूरे सम्मान और विधि-विधान के साथ तिरंगा फहराते नजर आया।

Republic Day : 77वां गणतंत्र दिवस 2026 जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले से एक अप्रत्याशित घटना के कारण चर्चा में आ गया। चोटीपोरा गांव में एक ऐसे व्यक्ति ने अपने घर पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया, जिनका बेटा सुरक्षा एजेंसियों की सूची में ए++ श्रेणी का सक्रिय आतंकवादी बताया जाता है। जानकारी के अनुसार, संबंधित व्यक्ति आबिद रमजान शेख का पिता है, जो 26 जनवरी के अवसर पर पूरे सम्मान और विधि-विधान के साथ तिरंगा फहराते नजर आया। इस दौरान उन्होंने संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति अपनी निष्ठा व्यक्त की। यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब घाटी में आतंकवाद के खिलाफ सुरक्षा बलों की सख्त कार्रवाई जारी है और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।
स्थानीय प्रशासन के मुताबिक गणतंत्र दिवस के मद्देनजर क्षेत्र में कड़े सुरक्षा प्रबंध किए गए थे। तिरंगा फहराने की यह पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई और किसी तरह की अव्यवस्था की सूचना नहीं मिली। हालांकि अधिकारियों ने इस मामले पर औपचारिक प्रतिक्रिया देने से परहेज किया है।
बताया जाता है कि आबिद रमजान शेख दक्षिण कश्मीर में लंबे समय से सक्रिय है और कई आतंकी गतिविधियों में उसकी संलिप्तता सामने आई है। सुरक्षा एजेंसियों ने उसे मोस्ट वांटेड आतंकियों की श्रेणी में रखा है। ऐसे में उसके पिता द्वारा राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाना लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।
इस घटना की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। कुछ लोग इसे परिवार की ओर से मुख्यधारा और संवैधानिक व्यवस्था से जुड़ने की कोशिश के रूप में देख रहे हैं, जबकि अन्य का मानना है कि आतंकवाद से जुड़े मामलों में किसी भी प्रतीकात्मक कदम को बेहद सतर्कता के साथ समझा जाना चाहिए। गौरतलब है कि गणतंत्र दिवस के मौके पर जम्मू-कश्मीर के कई इलाकों में राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ, जिनका उद्देश्य लोकतांत्रिक मूल्यों और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करना रहा।