प्रदेश में प्राथमिक शिक्षा से जुड़े खर्च के लिए समग्र शिक्षा योजना के तहत 2026-27 में प्रस्तावित/आवंटित राशि में पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले करीब 843 करोड़ रुपये की कमी आई है।

UP News : उत्तर प्रदेश में प्राथमिक शिक्षा से जुड़े खर्च के लिए समग्र शिक्षा योजना के तहत 2026-27 में प्रस्तावित/आवंटित राशि में पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले करीब 843 करोड़ रुपये की कमी आई है। लोकसभा में 10 अगस्त 2026 को केंद्र सरकार की ओर से दिए गए जवाब के मुताबिक, उत्तर प्रदेश को 2025-26 में एलीमेंट्री एजुकेशन के लिए 9,742.12 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे। 2026-27 में यह राशि घटकर 8,898.96 करोड़ रुपये रह गई है। यह कमी केवल उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं है। बिहार, राजस्थान और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों के प्राथमिक शिक्षा फंड में भी पिछले साल की तुलना में गिरावट दर्ज की गई है। दूसरी ओर मध्य प्रदेश, गुजरात, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और महाराष्ट्र जैसे कुछ राज्यों के आवंटन में बढ़ोतरी हुई है। इससे साफ है कि समग्र शिक्षा के तहत राज्यों को मिलने वाली राशि में एक समान बढ़ोतरी या कटौती नहीं हुई है, बल्कि राज्यवार आवंटन अलग-अलग रहा है।
UP News
उत्तर प्रदेश के आंकड़ों पर नजर डालें तो समग्र शिक्षा के तहत एलीमेंट्री एजुकेशन के लिए राज्य को 2023-24 में 10,082.90 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे। 2024-25 में यह राशि घटकर 9,600.34 करोड़ रुपये हो गई। इसके बाद 2025-26 में मामूली बढ़ोतरी के साथ 9,742.12 करोड़ रुपये आवंटित हुए। अब 2026-27 में यह राशि फिर घटकर 8,898.96 करोड़ रुपये रह गई है। यानी एक साल में करीब 843.16 करोड़ रुपये की कमी हुई है। वहीं 2023-24 के मुकाबले देखें तो 2026-27 का आवंटन करीब 1,184 करोड़ रुपये कम है। बिहार के आंकड़े भी महत्वपूर्ण हैं। राज्य को 2025-26 में 7,283.43 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे, जबकि 2026-27 में यह राशि घटकर 5,970.76 करोड़ रुपये रह गई। यानी बिहार के आवंटन में करीब 1,312.67 करोड़ रुपये की कमी हुई है। राजस्थान को 2025-26 में 4,010.56 करोड़ रुपये मिले थे, जो 2026-27 में घटकर 3,081.48 करोड़ रुपये रह गए। आंध्र प्रदेश का आवंटन भी 1,642.42 करोड़ रुपये से घटकर 1,145.26 करोड़ रुपये हो गया है।
UP News
जहां कई बड़े राज्यों के आवंटन में कमी आई है, वहीं कुछ राज्यों को 2026-27 में पिछले साल की तुलना में ज्यादा राशि मिली है।
मध्य प्रदेश को 2025-26 में 3,855.82 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे। 2026-27 में यह बढ़कर 4,087.96 करोड़ रुपये हो गया। यानी करीब 232 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई। गुजरात में आवंटन 1,588.69 करोड़ से बढ़कर 1,895.02 करोड़ रुपये हो गया। पश्चिम बंगाल में 1,799.88 करोड़ से बढ़कर 2,141.38 करोड़ रुपये और तमिलनाडु में 1,936.42 करोड़ से बढ़कर 2,059.44 करोड़ रुपये आवंटित हुए। इसी तरह महाराष्ट्र में भी राशि 1,681.91 करोड़ रुपये से बढ़कर 1,744.65 करोड़ रुपये हुई। हालांकि कर्नाटक में आवंटन 1,480.27 करोड़ रुपये से घटकर 1,359.25 करोड़ रुपये रह गया। राज्य2025-262026-27बदलावउत्तर प्रदेश₹9,742.12 करोड़₹8,898.96 करोड़कमीबिहार₹7,283.43 करोड़₹5,970.76 करोड़कमीराजस्थान₹4,010.56 करोड़₹3,081.48 करोड़कमीमध्य प्रदेश₹3,855.82 करोड़₹4,087.96 करोड़बढ़ोतरीगुजरात₹1,588.69 करोड़₹1,895.02 करोड़बढ़ोतरीपश्चिम बंगाल₹1,799.88 करोड़₹2,141.38 करोड़बढ़ोतरीतमिलनाडु₹1,936.42 करोड़₹2,059.44 करोड़बढ़ोतरीमहाराष्ट्र₹1,681.91 करोड़₹1,744.65 करोड़बढ़ोतरीकर्नाटक₹1,480.27 करोड़₹1,359.25 करोड़कमी।
UP News
सरकार के जवाब के मुताबिक समग्र शिक्षा के तहत राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को मिलने वाली केंद्रीय सहायता उनकी वार्षिक कार्ययोजना एवं बजट (AWP&B) के आधार पर तय होती है। राज्य अपनी जरूरत और प्राथमिकताओं के अनुसार योजना तैयार करते हैं। इसके बाद प्रोजेक्ट अप्रूवल बोर्ड राज्य के साथ चर्चा करके प्रस्ताव का आकलन करता है और स्वीकृति देता है। फंड जारी करते समय स्वीकृत राशि के अलावा राज्य की खर्च करने की क्षमता, पिछले साल की बची राशि, राज्य के हिस्से का योगदान, ऑडिटेड अकाउंट और उपयोगिता प्रमाणपत्र (UC) जैसे पहलुओं को भी देखा जाता है। यदि किसी राज्य के पास पिछली स्वीकृत राशि का हिस्सा खर्च नहीं हुआ है, तो अगले चरण में फंड जारी करते समय उस बची हुई राशि को भी ध्यान में रखा जाता है। इसलिए उत्तर प्रदेश के आवंटन में आई कमी को केवल इस आधार पर केंद्र की ओर से “कटौती” कहना उचित नहीं होगा। उपलब्ध सरकारी जानकारी से यह निष्कर्ष नहीं निकलता कि कमी का एकमात्र कारण केंद्र सरकार का फैसला है। राज्य की ओर से प्रस्तुत कार्ययोजना, पिछले खर्च और उपलब्ध शेष राशि जैसे कारक भी अंतिम आवंटन को प्रभावित कर सकते हैं।
UP News
समग्र शिक्षा का इस्तेमाल स्कूल शिक्षा से जुड़ी विभिन्न जरूरतों के लिए किया जाता है। इसमें स्कूलों का बुनियादी ढांचा, शिक्षकों से जुड़े खर्च, मुफ्त किताबें, यूनिफॉर्म और अन्य शैक्षिक गतिविधियां शामिल हैं। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक 2025-26 में इस योजना के तहत इंफ्रास्ट्रक्चर पर 2,871.95 करोड़ रुपये, शिक्षकों के वेतन पर 13,508.69 करोड़ रुपये, मुफ्त किताबों पर 2,353.23 करोड़ रुपये और मुफ्त यूनिफॉर्म पर 3,871.02 करोड़ रुपये खर्च किए गए।
UP News
उत्तर प्रदेश में 2026-27 के राज्य बजट में बेसिक शिक्षा के लिए अलग से 77,622 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसलिए समग्र शिक्षा के केंद्रीय आवंटन में कमी को प्रदेश के पूरे शिक्षा बजट में उतनी ही राशि की कमी के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। दोनों अलग-अलग बजटीय संदर्भ हैं। समग्र शिक्षा के आंकड़े मुख्य रूप से यह बताते हैं कि केंद्र की इस योजना के तहत प्राथमिक शिक्षा के लिए राज्यों को मिलने वाली स्वीकृत/आवंटित राशि में इस साल राज्यवार काफी अंतर रहा है। उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे बड़े राज्यों में कमी के विपरीत मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में राशि बढ़ी है। यही वजह है कि अब इन आंकड़ों को राज्य की कार्ययोजना, पिछले खर्च और उपलब्ध शेष राशि के संदर्भ में देखना ज्यादा महत्वपूर्ण होगा।
UP News
विज्ञापन