लखनऊ में कारोबारी शिवा शर्मा की मौत के मामले में गिरफ्तार मॉडल श्रद्धा दुबे आखिर कौन है ? क्या हुक्का बार और महंगे कैफे में अमीर युवकों से दोस्ती करना कथित हनीट्रैप नेटवर्क का हिस्सा था ? पुलिस पूछताछ में श्रद्धा दुबे को लेकर सामने आए खुलासों ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

UP News : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में कारोबारी शिवा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला लगातार नए खुलासों के कारण सुर्खियों में है। इस मामले में गिरफ्तार मॉडल और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर श्रद्धा दुबे को लेकर पुलिस पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। उत्तर प्रदेश पुलिस की जांच में अब केवल शिवा शर्मा की मौत ही नहीं, बल्कि कथित हनीट्रैप, ब्लैकमेलिंग, वसूली और प्रभावशाली लोगों से संपर्कों के नेटवर्क की भी पड़ताल की जा रही है। मॉडल श्रद्धा दुबे का नाम सामने आने के बाद से ही सोशल मीडिया पर उसकी गतिविधियों, लाइफस्टाइल और कथित आपराधिक नेटवर्क को लेकर चर्चाएं तेज हैं। उत्तर प्रदेश पुलिस के मुताबिक, श्रद्धा अपने साथियों के साथ महंगे कैफे और हुक्का बार में जाती थी। वहां अमीर परिवारों के युवकों से दोस्ती बढ़ाती थी और उन्हें अपने संपर्क में लाने की कोशिश करती थी। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस कथित नेटवर्क में कितने लोग शामिल थे और इसका दायरा कितना बड़ा था।
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मीडिया रिपोर्टों में पुलिस पूछताछ और जांच से जुड़े सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि श्रद्धा दुबे अक्सर लखनऊ के विभूतिखंड स्थित किसान बाजार के एक कैफे में अपनी टोली के साथ पहुंचती थी। यहां हुक्का पीने और देर रात तक बैठने के दौरान उसके संपर्क में कई लोग आते थे। पुलिस को मिली जानकारी के मुताबिक, श्रद्धा और उसके साथियों की नजर आर्थिक रूप से संपन्न युवकों पर रहती थी। कारोबारी शिवा शर्मा से भी श्रद्धा की पहली मुलाकात इसी कैफे में होने की बात सामने आई है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कैफे में होने वाली इन मुलाकातों का इस्तेमाल कथित तौर पर लोगों को अपने जाल में फंसाने के लिए किया जाता था या नहीं। कैफे संचालक की भूमिका भी जांच के दायरे में बताई गई है।
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श्रद्धा दुबे के खिलाफ सामने आए आरोपों में सबसे गंभीर मामला कथित हनीट्रैप और ब्लैकमेलिंग का है। पुलिस जांच से जुड़ी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, आरोप है कि वह पहले लोगों से दोस्ती करती थी और फिर उन्हें अपने घर बुलाती थी। इसके बाद कथित तौर पर चोरी या अन्य विवादों में फंसाने की धमकी देकर उनसे पैसे वसूलने का प्रयास किया जाता था। कुछ लोगों के निजी फोटो और वीडियो बनाकर उन्हें ब्लैकमेल करने के आरोप भी जांच में सामने आए हैं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इस कथित तरीके से दूसरे कारोबारियों और आर्थिक रूप से संपन्न लोगों को भी निशाना बनाया गया था। फिलहाल इन आरोपों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से होनी बाकी है।
इस पूरे मामले का सबसे गंभीर पहलू कारोबारी शिवा शर्मा से जुड़ा है। शिवा शर्मा और श्रद्धा दुबे के बीच लिव-इन संबंध होने की बात सामने आई है। 3 नवंबर को सामने आई पुलिस पूछताछ की जानकारी के अनुसार, शिवा शर्मा को कथित तौर पर लंबे समय तक मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया। पुलिस के मुताबिक, घटना से पहले शिवा को अपमानित किया गया और जबरन डांस करने के लिए मजबूर किया गया। उसके कपड़े उतरवाने और शरीर पर लिपस्टिक लगाने जैसी हरकतों के आरोप भी सामने आए हैं। बताया गया है कि इस दौरान श्रद्धा की बहन रश्मि, ड्राइवर दानिश और अन्य लोग भी मौजूद थे। पुलिस के अनुसार, शिवा के कुछ आपत्तिजनक वीडियो बनाए गए थे और कथित तौर पर उनका इस्तेमाल उसे दबाव में रखने के लिए किया जाता था। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि शिवा शर्मा को किस तरह नियंत्रित किया जा रहा था और उसकी मौत से पहले उसके साथ क्या-क्या घटनाएं हुई थीं।
श्रद्धा दुबे के मामले में पुलिस की जांच का एक महत्वपूर्ण पहलू उसके कथित संपर्कों का नेटवर्क है। जांच के दौरान कुछ हिस्ट्रीशीटरों और आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों के साथ उसकी तस्वीरें और वीडियो सामने आने की खबरें भी आई हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि क्या श्रद्धा इन लोगों के नाम और रसूख का इस्तेमाल दूसरे लोगों को डराने-धमकाने के लिए करती थी।
शिवा शर्मा की मौत के बाद श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि दुबे और ड्राइवर तनवीर अली उर्फ दानिश पर पुलिस का शिकंजा कसना शुरू हुआ था। शुरुआती दिनों में तीनों के फरार होने के बाद पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी के लिए इनाम घोषित किया था। पुलिस जांच के अनुसार, श्रद्धा ने फरारी के दौरान अपनी पहचान और लोकेशन छिपाने के लिए अलग-अलग जगहों तथा दूसरे लोगों के मोबाइल फोन का इस्तेमाल किया। नेपाल सीमा, आगरा, लखनऊ और कानपुर के बीच उसकी गतिविधियों की भी पड़ताल की गई। 21 अक्टूबर की मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, श्रद्धा के कथित मददगार आमिर को भी पुलिस ने हिरासत में लिया था। उस पर फरारी में मदद करने, नेपाल सीमा तक पहुंचाने और मोबाइल तथा सिम उपलब्ध कराने के आरोप लगाए गए। इसके बाद नागपुर में करीब 200 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के बाद पुलिस श्रद्धा तक पहुंची। उसे नागपुर के चिंचभुवन इलाके में एक अपार्टमेंट से गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई थी।
3 नवंबर को प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि दुबे और ड्राइवर तनवीर अली उर्फ दानिश की अदालत में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेशी हुई थी। अदालत ने तीनों की न्यायिक हिरासत 13 नवंबर तक बढ़ा दी। पुलिस अब इस मामले में आरोपियों के संपर्कों, आर्थिक लेनदेन, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और शिवा शर्मा की मौत से पहले की परिस्थितियों की जांच कर रही है।
लखनऊ के कारोबारी शिवा शर्मा की 9 अक्टूबर 2026 को हजरतगंज क्षेत्र स्थित एक अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से गिरने के बाद मौत हो गई थी। इस घटना के बाद शिवा के परिजनों ने हत्या और प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए थे। पुलिस ने मामले में हत्या का मुकदमा दर्ज कर श्रद्धा दुबे, उसकी बहन और अन्य लोगों की भूमिका की जांच शुरू की। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर चोटों का उल्लेख किया गया था। पुलिस सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल फोन की लोकेशन और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ रही है। यह मामला अब केवल एक कारोबारी की मौत तक सीमित नहीं रह गया है। कथित हनीट्रैप, ब्लैकमेलिंग, वसूली और प्रभावशाली लोगों के साथ संपर्कों की जांच ने इसे प्रदेश के चर्चित मामलों में शामिल कर दिया है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि श्रद्धा दुबे के कथित नेटवर्क में और कितने लोग शामिल थे? क्या लखनऊ में सक्रिय इस पूरे नेटवर्क के तार दूसरे शहरों तक भी जुड़े हुए हैं? पुलिस की विस्तृत जांच और अदालत में सामने आने वाले साक्ष्यों से ही इन सवालों के जवाब मिल सकेंगे।
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