शिवा शर्मा हत्याकांड की आरोपी श्रद्धा दुबे की लखनऊ जेल में पहली रात बेचैनी में बीती। लग्जरी लाइफ जीने वाली श्रद्धा को जेल का खाना और नियम रास नहीं आ रहे हैं।

UP News : कभी लग्जरी लाइफ जीने वाली श्रद्धा दुबे की जिंदगी अब जेल की चारदीवारी के भीतर बदल गई है। लखनऊ की जेल में पहली रात बेचैनी के बीच गुजरने की खबर सामने आई है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, श्रद्धा को रात में ठीक से नींद नहीं आई और वह करवटें बदलती रही। जेल में मिलने वाला सामान्य भोजन भी उसे पसंद नहीं आया। आरामदायक जीवनशैली से जेल की निर्धारित दिनचर्या तक का यह बदलाव चर्चा का विषय बना हुआ है। शिवा शर्मा हत्याकांड में आरोपी श्रद्धा दुबे और उसकी बहन रश्मि दुबे को जेल भेजे जाने के बाद उनकी दिनचर्या पूरी तरह बदल गई है। अब उन्हें जेल के नियमों के अनुसार रहना पड़ रहा है। यहां न मनपसंद भोजन की आजादी है और न ही अपनी सुविधा के मुताबिक सोने-जागने की व्यवस्था।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, जेल पहुंचने के बाद श्रद्धा की पहली रात बेचैनी में बीती। नए माहौल में उसे रातभर आराम नहीं मिल सका। बताया गया कि वह काफी देर तक जागती रही और फिर बिस्तर पर करवटें बदलती रही। जेल के वातावरण और मच्छरों के कारण भी परेशानी होने की बात रिपोर्टों में कही गई है। जेल में बंदियों को निर्धारित समय पर सोने और सुबह उठने की दिनचर्या का पालन करना पड़ता है। रिपोर्ट के मुताबिक, सुबह करीब छह बजे श्रद्धा को भी उठा दिया गया। इसके बाद उसे जेल में उपलब्ध नाश्ता दिया गया।
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श्रद्धा दुबे के भोजन को लेकर भी मीडिया रिपोर्टों में जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, रात के खाने में उसे दाल, रोटी और सब्जी दी गई थी, लेकिन वह पूरा भोजन नहीं कर सकी। सुबह नाश्ते में दलिया और चाय परोसे जाने की जानकारी भी दी गई है। जेल में बंदियों के लिए निर्धारित मेन्यू के अनुसार भोजन तैयार किया जाता है। सभी बंदियों को इसी व्यवस्था के तहत खाना उपलब्ध कराया जाता है। ऐसे में श्रद्धा को भी जेल के सामान्य भोजन और निर्धारित दिनचर्या के अनुसार रहना पड़ रहा है। UP News :
श्रद्धा दुबे की जीवनशैली और जेल में उसकी मौजूदा परिस्थितियों के बीच अंतर को लेकर चर्चा हो रही है। जेल में निजी सुविधाओं के बजाय सामूहिक व्यवस्था के बीच रहना पड़ता है। निर्धारित समय पर भोजन, सुबह जल्दी उठना और जेल के नियमों का पालन करना बंदियों की दिनचर्या का हिस्सा है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, श्रद्धा और उसकी बहन रश्मि को शुरुआती क्वारंटाइन अवधि के बाद महिला बंदियों के साथ सामान्य बैरक में रखा गया। वहां उन्हें दूसरी महिला बंदियों की तरह ही जेल के नियमों का पालन करना पड़ रहा है।
लखनऊ के शिवा शर्मा हत्याकांड में श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि दुबे और चालक तनवीर उर्फ दानिश को आरोपी बनाया गया है। पुलिस मामले के घटनाक्रम और आरोपियों की कथित भूमिका की जांच कर रही है। इस मामले में जांच के दौरान सामने आए तथ्यों और दावों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के तहत होनी बाकी है। UP News :
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