
Shramjeevi blast case : जौनपुर। उत्तर प्रदेश के जौनपुर में हुए श्रमजीवी विस्फोट कांड में कोर्ट ने सजा का ऐलान कर दिया है। कोर्ट ने श्रमजीवी विस्फोट कांड के आरोपी नाफिकुल और हीलाल को फांसी की सजा सुनाई गई है। दोनों आतंकियों पर 5-5 लाख का जुर्माना भी लगाया गया है।
आपको बता दें यूपी जौनपुर में 28 जुलाई 2005 को श्रमजीवी एक्सप्रेस में विस्फोट हो गया था। इस विस्फोट में 14 लोगों की मौत हो गई थी। वारदात के 19 साल बाद सजा का ऐलान हुआ है। जौनपुर की अदालत ने हरकत-उल-जिहाद अल-इस्लामी (हूजी) के दो बांग्लादेशीयों को बुधवार को फांसी की सजा सुनाई है। इन दोनों आतंकियों को दिसंबर 2005 में हुए श्रमजीवी एक्सप्रेस में बम विस्फोट के लिए दोषी ठहराया गया है।
कोर्ट ने हिलाल उर्फ हिलालुद्दीन और नफीकुल बिस्वास को 28 जुलाई 2005 को जौनपुर जिले के हरपालगंज क्रॉसिंग के पास दिल्ली जाने वाली श्रमजीवी एक्सप्रेस में विस्फोट में शामिल होने के लिए 22 दिसंबर को दोषी ठहराया था, जिसमें 14 यात्रियों की मौत हो गई थी और 62 घायल हो गए थे। हरकत-उल-जिहाद-अल-इस्लामी के दो गुर्गों – ट्रेन में बम रखने के आरोपी हिलालुद्दीन (बांग्लादेश के निवासी) और उसकी मदद करने के आरोपी नफीकुल बिस्वास (पश्चिम बंगाल के निवासी) को अदालत ने दोषी ठहराया था।