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मथुरा के छाता इलाके में बाबा चंद्रशेखर उर्फ फरसा वाले बाबा की संदिग्ध मौत के बाद माहौल अचानक बिगड़ गया। देखते ही देखते स्थानीय लोग और समर्थक सड़कों पर उतर आए और विरोध प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया। घटना के बाद प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली हाईवे (एनएच-19) को जाम कर दिया।

UP News : उत्तर प्रदेश में मथुरा के छाता इलाके में बाबा चंद्रशेखर उर्फ फरसा वाले बाबा की संदिग्ध मौत के बाद माहौल अचानक बिगड़ गया। देखते ही देखते स्थानीय लोग और समर्थक सड़कों पर उतर आए और विरोध प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया। घटना के बाद प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली हाईवे (एनएच-19) को जाम कर दिया। जाम के बाद लंबी दूरी तक वाहनों की कतार लग गई। फंसे हुए वाहनों पर पथराव किया गया जिससे कई गाड़ियों के शीशे टूट गए, जिससे लोगों में डर फैल गया। हालात बिगड़ने पर सेना को उतार दिया गया है।
स्थिति तब और बिगड़ गई जब भीड़ ने सरकारी गाड़ियों पर हमला कर दिया। एसडीएम और पुलिस की गाड़ियों में तोड़फोड़ करने लगे जिसके बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल हो गया। कई जगहों पर भगदड़ जैसी स्थिति नजर आई। प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना है कि यह साधारण दुर्घटना नहीं है। इसे साजिश के तहत हत्या बताया जा रहा है। लोगों ने ट्रक चालक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग के साथ पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
जब पुलिस ने हालात संभालने की कोशिश की तो टकराव बढ़ गया। पुलिस पर भी पथराव किया गया, कई जवान घायल हुए। हालात कई बार नियंत्रण से बाहर होते दिखाई दी। बेकाबू हालात को देखते हुए पुलिस को कड़े कदम उठाने पड़े। पुलिस ने लाठीचार्ज किया तथा आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया। उपद्रवियों को खदेड़कर धीरे-धीरे स्थिति संभाली गई। करीब कई घंटों की मशक्कत के बाद ट्रैफिक बहाल किया जा सका।
प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक घने कोहरे में पीछे से आ रहे ट्रक की टक्कर से घटना हुई। मौके पर मौजूद वाहन में कोई अवैध गतिविधि नहीं मिली। पूरे मामले की जांच जारी है।
घटना को गंभीर मानते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। उपद्रवियों की पहचान कर गिरफ्तारी। कानून व्यवस्था बनाए रखने पर जोर दिया। जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करने की बात भी उन्होंने की। बाबा के अंतिम दर्शन के दौरान भी बड़ी संख्या में लोग जुटे। छाता-बरसाना मार्ग पर जाम जैसे हालात। समर्थकों ने कुछ मांगों को लेकर विरोध जारी रख। प्रशासन के आश्वासन के बाद अंतिम संस्कार संपन्न हुआ। मथुरा की यह घटना दिखाती है कि एक संदिग्ध मौत कैसे बड़े तनाव और हिंसा का कारण बन सकती है। फिलहाल हालात नियंत्रण में बताए जा रहे हैं, लेकिन पूरे मामले की सच्चाई जांच के बाद ही साफ हो पाएगी।
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