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UP News: उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने साफ कहा कि बिजली विभाग को तकनीकी खामियों को तुरंत सुधारना चाहिए ताकि भविष्य में उपभोक्ताओं को परेशानी न हो।

UP News: उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग (UPERC) ने यूपी पावर कॉर्पोरेशन (UPPCL) पर 7.18 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। स्मार्ट प्रीपेड मीटर रिचार्ज करने के बावजूद दो घंटे में बिजली सप्लाई बहाल न करने की लापरवाही पर यह कार्रवाई की गई। नियम के मुताबिक रिचार्ज के दो घंटे में बिजली आनी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ और कई मामलों में कई दिनों तक बिजली नहीं आई।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक आयोग के अध्यक्ष अरविंद कुमार की बेंच ने उपभोक्ता परिषद की याचिका पर फैसला सुनाया। बेंच ने शुक्रवार को सुनवाई करते हुए अपने आदेश में कहा कि बिजली विभाग ने स्मार्ट प्रीपेड मीटर के नाम पर उपभोक्ता सेवाओं में गंभीर लापरवाही बरती है।
जबरदस्ती लगा दिए प्रीपेड मीटर
मार्च 2026 में बिजली विभाग ने बिना उपभोक्ताओं की सहमति के लाखों पोस्टपेड मीटरों को स्मार्ट प्रीपेड में बदल दिया। बैलेंस शून्य या माइनस होते ही करीब 5 लाख घरों की बिजली एक साथ काट दी गई। पूरे प्रदेश में भारी आक्रोश और प्रदर्शन हुए थे।
आंकड़ों के अनुसार, 13 मार्च से 10 अप्रैल के बीच 16 दिनों में कुल 40 लाख 27 हजार 307 उपभोक्ताओं की बिजली काटी गई। इनमें से:
18.78 लाख घरों में रिचार्ज के आधे घंटे के अंदर बिजली आई
22.21 लाख में दो घंटे के अंदर बहाल हुई
लेकिन 1 लाख 93 हजार 143 घरों में दो घंटे से लेकर कई दिनों तक बिजली नहीं जुड़ी
UPERC ने 15 दिन में विस्तृत जवाब मांगा
UPERC ने विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 142 एवं 57 के तहत प्रति उल्लंघन 1 लाख रुपये और प्रतिदिन देरी पर 6,000 रुपये के हिसाब से कुल 7.18 लाख रुपये का जुर्माना लगाया।
आयोग ने UPPCL के प्रबंध निदेशक से 15 दिनों में विस्तृत जवाब भी मांगा है और भविष्य में ऐसी गलतियों को रोकने के लिए रूट कॉज एनालिसिस करने को कहा है।
उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने इसे बिजली कंपनी पर अब तक का सबसे बड़ा जुर्माना बताया।
यह फैसला स्मार्ट मीटरों की अनियोजित और लापरवाह तरीके से लोगों के घरों में लगाने के खिलाफ उपभोक्ताओं के हक में माना जा रहा है। आयोग ने साफ कहा कि बिजली विभाग को तकनीकी खामियों को तुरंत सुधारना चाहिए ताकि भविष्य में उपभोक्ताओं को परेशानी न हो। UP News
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