अमेठी के कोटवा भदसाना गांव में खस्ता-चाट खाने से 102 लोगों के बीमार पड़ने का मामला चर्चा में है। बीमार होने वालों में 39 बच्चे और 63 वयस्क शामिल हैं। घटना की जानकारी मिलने के बाद पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने संज्ञान लिया।

UP News : उत्तर प्रदेश के अमेठी स्तिथ कोटवा गांव में खस्ता-चाट खाने से 102 लोगों के बीमार पड़ने का मामला अब प्रशासनिक कार्रवाई के साथ राजनीतिक स्तर पर भी पहुंच गया है। पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने मामले का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी शशांक चौधरी से फोन पर बात की। उन्होंने बीमार लोगों, खासकर बच्चों के स्वास्थ्य की जानकारी ली और सभी प्रभावितों को समुचित उपचार उपलब्ध कराने के साथ दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा। UP News
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कोटवा भदसाना गांव में खस्ता-चाट खाने के बाद 63 वयस्क और 39 बच्चे बीमार हुए थे। बड़ी संख्या में लोगों के बीमार पड़ने के बाद स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन सक्रिय हुआ। स्मृति ईरानी ने जिलाधिकारी से पूरे घटनाक्रम की जानकारी लेकर मरीजों के इलाज और उनकी स्वास्थ्य स्थिति के बारे में जानकारी ली। UP News
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उधर, खाद्य सुरक्षा विभाग ने भी जांच तेज कर दी है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्रीकिशुन चौहान ने संबंधित दुकानदारों और तेल आपूर्तिकर्ता के प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर रिफाइंड सोयाबीन तेल के दो नमूने संग्रहित किए हैं। जांच के दौरान राजकुमार के प्रतिष्ठान पर खाद्य लाइसेंस नहीं मिला। खस्ता तैयार करने में इस्तेमाल होने वाला तेल भी बरामद हुआ। पूछताछ में तेल आपूर्तिकर्ता शिवकुमार साहू का नाम सामने आने पर उसके प्रतिष्ठान से भी नमूना लिया गया। UP News
जिला प्रशासन के अनुसार, संबंधित दुकानदारों और सप्लायर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी के मुताबिक, राजकुमार और मोहित गुप्ता के विरुद्ध न्यायालय में वाद दायर करने की तैयारी है। दोनों नमूनों को प्रयोगशाला जांच के लिए भेजा जाएगा। रिपोर्ट के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई होगी। UP News
एक तरफ अस्पताल में मरीजों का उपचार जारी है, दूसरी तरफ खाद्य सुरक्षा विभाग खाद्य सामग्री और उसके आपूर्ति स्रोत की जांच में जुटा है। स्मृति ईरानी के संज्ञान लेने के बाद अब इस मामले में प्रशासनिक कार्रवाई और प्रभावित लोगों के उपचार पर सबकी निगाहें टिकी हैं। UP News
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