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UP News: डॉक्टर्स का कहना है कि बरसात के मौसम में सांप निकलने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। ऐसे मामलों में झाड़-फूंक या अंधविश्वास के बजाय मरीज को बिना देर किए नजदीकी अस्पताल पहुंचाना चाहिए।

UP News: उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में एक बेहद दुखद घटना सामने आई है। एक 25 वर्षीय महिला को सांप ने काट लिया। लेकिन परिजन उसे तत्काल अस्पताल ले जाने के बजाय गांव में झाड़-फूंक कराने ले गए।
ग्राम करंधा निवासी 25 वर्षीय जरीना, (पत्नी मोहम्मद आलम), सोमवार दोपहर करीब 12 बजे अपने घर की साफ-सफाई कर रही थीं। इसी दौरान वह फ्रिज के पीछे जमा धूल और गंदगी साफ करने लगीं। बताया जाता है कि फ्रिज के पीछे पहले से एक जहरीला सांप छिपा बैठा था। जैसे ही जरीना ने वहां हाथ लगाया, सांप ने उनके दाहिने हाथ में डस लिया। सांप के काटते ही उसने शोर मचाया और घटना की जानकारी परिजनों को दी। कुछ ही देर में उनकी तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी।
काफी देर तक चला झाड़-फूंक
परिजन जरीना को गांव में मौजूद एक व्यक्ति के पास झाड़-फूंक कराने ले गए। काफी देर तक झाड़-फूंक का सिलसिला चलता रहा, लेकिन उनकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। इसके बाद परिजनों ने 108 एंबुलेंस सेवा को सूचना दी। सूचना मिलते ही एंबुलेंस मौके पर पहुंची और जरीना को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फतेहपुर ले जाया गया।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात चिकित्सक डॉ. देशराज सिंह ने तत्काल उपचार शुरू किया। महिला की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें एंटी स्नेक वेनम (एएसवी) इंजेक्शन लगाए गए। प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए उन्हें जिला अस्पताल बाराबंकी रेफर कर दिया गया।
गांव में शोक का माहौल
जिला अस्पताल बाराबंकी पहुंचने पर चिकित्सकों ने जरीना की जांच कर चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। महिला की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि गांव में शोक का माहौल है।
डॉक्टर्स का कहना है कि बरसात के मौसम में सांप निकलने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। ऐसे मामलों में झाड़-फूंक या अंधविश्वास के बजाय मरीज को बिना देर किए नजदीकी अस्पताल पहुंचाना चाहिए। समय पर एंटी स्नेक वेनम मिलने से कई मरीजों की जान बचाई जा सकती है।
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