जंतर-मंतर से सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को पुलिस द्वारा हिरासत में लेकर अस्पताल ले जाने की घटना पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है।

UP News : राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर से सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को पुलिस द्वारा हिरासत में लेकर अस्पताल ले जाने की घटना पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताते हुए मांग की कि वांगचुक का इलाज न्यायिक निगरानी में कराया जाए, ताकि उनकी सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर किसी तरह का संदेह न रहे। UP News
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट साझा करते हुए कहा कि आमरण अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक को बलपूर्वक उनके धरना स्थल से हटाया जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। उनका कहना है कि इस घटना ने देश ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी लोगों का ध्यान खींचा है और इसे लेकर व्यापक चिंता व्यक्त की जा रही है। सपा प्रमुख ने मांग की कि इस कार्रवाई में शामिल सादे कपड़ों में मौजूद लोगों की पहचान सार्वजनिक की जाए। उन्होंने कहा कि सोनम वांगचुक पर्यावरण संरक्षण, विज्ञान, नवाचार, लोकतांत्रिक मूल्यों और युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं। ऐसे में उनकी चिकित्सा न्यायिक निगरानी में होना आवश्यक है। इसके अलावा अखिलेश यादव ने यह भी आरोप लगाया कि इस कार्रवाई से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की लोकतांत्रिक और मानवीय छवि को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा कि सरकार का रवैया संवाद के बजाय टकराव का प्रतीक बनता जा रहा है, जिससे लोकतांत्रिक संस्थाओं और जन आंदोलनों पर गलत संदेश जा रहा है। अपने बयान में अखिलेश यादव ने कहा कि आज का युवा डिजिटल माध्यमों से जुड़कर वैचारिक स्तर पर अपनी बात रखने में सक्षम है। उनका दावा है कि किसी भी आंदोलन को दबाने की कोशिश लंबे समय तक सफल नहीं हो सकती और नई पीढ़ी लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए आवाज उठाती रहेगी। UP News
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक पिछले करीब 20 दिनों से दिल्ली के जंतर-मंतर पर विभिन्न मांगों को लेकर आमरण अनशन पर बैठे थे। शनिवार सुबह दिल्ली पुलिस उन्हें हिरासत में लेकर अस्पताल ले गई। इस कार्रवाई के दौरान मंच पर मौजूद लोगों में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके नहीं थे, जिसके बाद सोशल मीडिया पर कई तरह के सवाल उठे। इन आरोपों पर सीजेपी की ओर से सफाई दी गई कि अभिजीत दीपके उस समय पास ही स्नान करने गए थे। पार्टी का कहना है कि जंतर-मंतर पर अचानक हालात बदले और पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए वांगचुक को वहां से अस्पताल पहुंचा दिया। UP News
विज्ञापन